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PHE Corruption : PHE विभाग में कमीशनखोरी, ठेकेदार ने दी आत्मदाह की चेतावनी, इंजीनियर को नोटिस जारी

अम्बिकापुर। सरगुजा संभाग के मुख्यालय अम्बिकापुर में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) इन दिनों भ्रष्टाचार और प्रताड़ना के गंभीर आरोपों के घेरे में है। विभाग में कार्यरत एक ठेकेदार ने भुगतान में जानबूझकर किए जा रहे विलंब और अधिकारियों द्वारा अवैध कमीशन की मांग से तंग आकर आत्मदाह करने की चेतावनी दी है। इस PHE Corruption and Self Immolation Threat (पीएचई भ्रष्टाचार और आत्मदाह की धमकी) मामले ने जल जीवन मिशन जैसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट्स के क्रियान्वयन की कलई खोलकर रख दी है।

करोड़ों का काम और सालों का इंतज़ार (PHE Corruption)

मिली जानकारी के अनुसार, ठेकेदार रजनीकांत ने 27 मार्च को विभाग को एक लिखित पत्र सौंपकर अपनी व्यथा सुनाई है। आरोप है कि उन्होंने जल जीवन मिशन के तहत लगभग 65 लाख रुपये के विकास कार्य पूर्ण किए थे। नियमानुसार कार्य पूर्ण होने के तत्काल बाद देयक (बिल) का भुगतान हो जाना चाहिए था, लेकिन विडंबना देखिए कि साल भर बीत जाने के बाद भी उन्हें मात्र 22 लाख रुपये का ही भुगतान किया गया है।

शेष 43 लाख रुपये की बड़ी राशि के लिए उन्हें दफ्तरों के चक्कर लगवाए जा रहे हैं। इस PHE Corruption and Self Immolation Threat (पीएचई भ्रष्टाचार और आत्मदाह की धमकी) के पीछे मुख्य कारण सिस्टम की वो सड़न है, जो बिना ‘सुविधा शुल्क’ के फाइल आगे नहीं बढ़ने देती।

अग्रिम कमीशन और ब्लैकमेलिंग का खेल

ठेकेदार ने अपने पत्र में सीधे तौर पर विभागीय अधिकारियों पर मानसिक प्रताड़ना और ब्लैकमेलिंग के आरोप लगाए हैं। पत्र में उल्लेख है कि बिल पास करने के नाम पर ‘अग्रिम कमीशन’ की मांग की जा रही है। जब ठेकेदार ने इस अवैध मांग को पूरा करने में असमर्थता जताई, तो अधिकारियों ने फाइल दबा दी और उन्हें आर्थिक रूप से कमजोर करने की साजिश रची गई। यह PHE Corruption and Self Immolation Threat (पीएचई भ्रष्टाचार और आत्मदाह की धमकी) केवल एक व्यक्ति की कहानी नहीं, बल्कि कई ठेकेदारों का अनकहा दर्द है जो कमीशनखोरी के दीमक का शिकार हो रहे हैं।

30 मार्च को आत्मदाह का ऐलान

प्रशासनिक उदासीनता से हताश होकर रजनीकांत ने विभाग को अल्टीमेटम दिया है कि यदि 30 मार्च दोपहर 1 बजे तक उनकी समस्याओं का निराकरण कर भुगतान सुनिश्चित नहीं किया गया, तो वे पीएचई कार्यालय अम्बिकापुर के समक्ष खुद को आग लगा लेंगे। इस PHE Corruption and Self Immolation Threat (पीएचई भ्रष्टाचार और आत्मदाह की धमकी) के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है। आनन-फानन में कार्यपालन अभियंता ने संबंधित उप अभियंता को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।

जांच और आगे की कार्रवाई

विभागीय सूत्रों का कहना है कि उप अभियंता से निर्धारित समय-सीमा में स्पष्टीकरण मांगा गया है। हालांकि, सवाल यह उठता है कि क्या केवल एक नोटिस जारी कर देने से भ्रष्टाचार की यह जड़ें खत्म हो जाएंगी? अम्बिकापुर की जनता और अन्य ठेकेदार अब 30 मार्च की समय-सीमा पर नजरें गड़ाए हुए हैं।

इस PHE Corruption and Self Immolation Threat (पीएचई भ्रष्टाचार और आत्मदाह की धमकी) प्रकरण ने यह साफ कर दिया है कि अगर समय रहते उच्च स्तरीय जांच नहीं हुई, तो यह मामला एक बड़ी मानवीय त्रासदी का रूप ले सकता है।

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