शिक्षा ही जीवन में आगे बढ़ने का सबसे सशक्त माध्यम: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

बेमेतरा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि शिक्षा व्यक्ति, समाज और राष्ट्र की प्रगति का आधार है। जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ने का सबसे सशक्त माध्यम शिक्षा है। शिक्षक बच्चों को केवल किताबी ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि उनके व्यक्तित्व, संस्कार और भविष्य का निर्माण करते हैं। शिक्षक समाज और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखते हैं।
मुख्यमंत्री साय रविवार को बेमेतरा के बेसिक स्कूल मैदान में आयोजित जिला स्तरीय शिक्षक सम्मान एवं प्रतिभावान विद्यार्थी सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने जिले के 81 सेवानिवृत्त शिक्षकों को शॉल, श्रीफल, स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। वहीं बोर्ड एवं महाविद्यालयीन परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 42 मेधावी छात्र-छात्राओं को विभिन्न सामाजिक संस्थाओं की ओर से गोल्ड मेडल एवं प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत में गुरु के सम्मान की गौरवशाली परंपरा रही है। शिक्षक अपने ज्ञान, अनुभव और संस्कारों से पीढ़ियों का निर्माण करते हैं। शिक्षा व्यक्ति को अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूक बनाने के साथ आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता विकसित करती है। उन्होंने कहा कि बदलती तकनीक और समय की आवश्यकताओं को देखते हुए बच्चों को गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।

हर बच्चे को समान अवसर देने का संकल्प
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा अधोसंरचना और आधुनिक सुविधाओं के विस्तार के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर विशेष ध्यान दे रही है। सरकार का प्रयास है कि गांव हो या शहर और परिवार की आर्थिक स्थिति कैसी भी हो, हर बच्चे को अपनी प्रतिभा निखारने और अपने सपनों को साकार करने के समान अवसर मिलें।
उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में आईआईटी, आईआईएम, एम्स और ट्रिपल आईटी जैसी राष्ट्रीय स्तर की संस्थाओं के माध्यम से उच्च एवं तकनीकी शिक्षा के अवसर बढ़े हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए नालंदा परिसर जैसी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। छात्रवृत्ति, शिक्षा ऋण और विभिन्न प्रोत्साहन योजनाओं के जरिए प्रतिभावान विद्यार्थियों को आर्थिक सहयोग भी दिया जा रहा है।
बेमेतरा को दो महत्वपूर्ण सौगात
मुख्यमंत्री ने बेमेतरा शहर में गौरव पथ निर्माण के लिए 2 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत किए जाने तथा ग्राम पंचायत तिवरिया में नवीन विद्युत सब-स्टेशन निर्माण की घोषणा की। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ सड़क, बिजली, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार भी राज्य सरकार की प्राथमिकता है।
जल संरक्षण के प्रयासों का सम्मान
समारोह में “मोर गांव मोर पानी” महाअभियान के तहत जल संरक्षण एवं भू-जल स्तर सुधारने के लिए किए गए उल्लेखनीय कार्यों को भी सम्मानित किया गया। बेमेतरा जिले को क्रिटिकल जोन से सेमी-क्रिटिकल जोन की दिशा में लाने के प्रयासों के लिए जनपद पंचायत बेमेतरा, बेरला एवं नवागढ़ को विशेष सम्मान दिया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा विषय है। जल की प्रत्येक बूंद का संरक्षण सामूहिक जिम्मेदारी है और शासन के प्रयासों के साथ जनभागीदारी जुड़ने से बड़े बदलाव संभव हैं। इस अवसर पर “शिक्षक स्मृति” पत्रिका का विमोचन भी किया गया।
शिक्षक समाज और राष्ट्र के निर्माता: अरुण साव
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा में गुरु का स्थान सर्वोपरि रहा है। शिक्षक अज्ञानता के अंधकार को दूर कर ज्ञान का प्रकाश फैलाते हैं और नई पीढ़ी को सही दिशा देते हैं। उन्होंने सम्मानित शिक्षकों को शुभकामनाएं देते हुए उनके ज्ञान और अनुभव को आने वाली पीढ़ियों के लिए अमूल्य धरोहर बताया।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री दयाल दास बघेल ने कहा कि शिक्षा व्यक्ति में आत्मविश्वास और आगे बढ़ने की शक्ति पैदा करती है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ संस्कार भी जरूरी हैं और शिक्षक बच्चों को जिम्मेदार एवं संस्कारवान नागरिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार गरीब, किसान, महिला और युवा सहित समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना, महतारी वंदन योजना तथा तकनीक आधारित सुशासन की विभिन्न पहलों के माध्यम से लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास किया जा रहा है।
समारोह में विधायक दीपेश साहू, विधायक ईश्वर साहू, विभिन्न आयोग एवं बोर्ड के पदाधिकारी, कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं, जिला पंचायत अध्यक्ष कल्पना योगेश तिवारी सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, शिक्षक, विद्यार्थी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।



