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Ease of Doing Business : जमीन और भवन अनुमति के नियमों में बड़े बदलाव की तैयारी, कारोबार बढ़ाने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा प्रदेश

प्रदेश में निवेश और शहरी विकास को लेकर सरकार की नई तैयारियों की चर्चा अब तेजी से बढ़ने (Ease of Doing Business) लगी है। उद्योग लगाने वाले कारोबारी हों या भवन निर्माण से जुड़े लोग, सभी की नजर अब उन बदलावों पर टिक गई है जिनसे आने वाले समय में अनुमति और स्वीकृति की लंबी प्रक्रिया आसान हो सकती है। प्रशासनिक स्तर पर भी इसे बड़े बदलाव की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

सरकारी दफ्तरों के चक्कर और लंबी मंजूरी प्रक्रिया से परेशान लोगों के लिए आने वाले समय में राहत भरी व्यवस्था तैयार की जा रही है। बताया जा रहा है कि जमीन उपयोग, भवन अनुमति और डिजिटल स्वीकृति प्रणाली को पहले से ज्यादा सरल और पारदर्शी बनाने की दिशा में तेजी से काम चल रहा है। इससे निवेश बढ़ने और नए रोजगार पैदा होने की उम्मीद जताई जा रही है।

निवेश बढ़ाने के लिए नए सुधारों पर जोर : Ease of Doing Business

देश में कारोबार को आसान बनाने की दिशा में अब केवल उद्योग और टैक्स व्यवस्था पर ही ध्यान नहीं दिया जा रहा है। केंद्र सरकार की तरफ से राज्यों को शहरी नियोजन, भूमि उपयोग और निर्माण स्वीकृति व्यवस्था में बड़े सुधार लागू करने की सलाह दी गई है।

इन सुधारों का मकसद शहरों को निवेश के लिए ज्यादा तैयार बनाना और आर्थिक गतिविधियों को तेजी देना बताया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में वही राज्य आगे होंगे जहां अनुमति प्रक्रिया तेज और पारदर्शी होगी।

प्रतिबंध छोड़ बाकी गतिविधियों को अनुमति देने की तैयारी

नई व्यवस्था में जमीन उपयोग प्रणाली को ज्यादा लचीला बनाने पर जोर दिया जा रहा है। इसके तहत केवल प्रतिबंधित गतिविधियों की सूची तय होगी जबकि बाकी गतिविधियों को अनुमति मिल (Ease of Doing Business) सकेगी। बताया जा रहा है कि इससे भूमि उपयोग परिवर्तन की जटिल प्रक्रिया कम होगी और निवेशकों को ज्यादा स्पष्ट व्यवस्था मिलेगी। कई राज्यों ने इस दिशा में काम शुरू भी कर दिया है।

प्रदेश में मिश्रित भूमि उपयोग को बढ़ावा

राज्य सरकार ने भी शहरी नियोजन और भवन अनुमति नियमों में बदलाव की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। जानकारी के मुताबिक अब मिश्रित भूमि उपयोग व्यवस्था को बढ़ावा दिया जा रहा है। संशोधित प्रावधानों के अनुसार आवासीय इलाकों में कुछ श्रेणी के उद्योगों पर रोक रहेगी जबकि व्यावसायिक क्षेत्रों में सीमित प्रतिबंध लागू होंगे। उद्योगों का वर्गीकरण पर्यावरण मानकों के आधार पर किया जाएगा।

उद्योग क्षेत्रों में कर्मचारियों के लिए आवास की सुविधा

नई व्यवस्था के तहत औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए किफायती आवास निर्माण की अनुमति देने का प्रावधान किया गया है। इससे काम करने वाले लोगों को कार्यस्थल के आसपास रहने की सुविधा मिल सकेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे परिवहन खर्च कम होगा और शहरों में अनियोजित विस्तार को रोकने में मदद मिलेगी।

जमीन उपयोग परिवर्तन प्रक्रिया हुई आसान

राज्य सरकार ने भूमि उपयोग परिवर्तन प्रक्रिया को भी आसान और डिजिटल बनाने की दिशा में कदम उठाए हैं। कुछ श्रेणियों की जमीन के उपयोग परिवर्तन के लिए अब पहले जैसी अनुमति प्रक्रिया की जरूरत कम की जा रही है।

इसके साथ ही ऑनलाइन सिंगल विंडो व्यवस्था, सभी एनओसी को डिजिटल पोर्टल से जोड़ने और तय समय में अनुमति नहीं मिलने पर स्वतः स्वीकृति जैसी व्यवस्था पर भी काम चल रहा है।

छोटे उद्योगों को मिलेगी राहत

सूक्ष्म और लघु उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए सड़क चौड़ाई से जुड़े नियमों में भी बदलाव किया गया है। नई व्यवस्था से ग्रामीण इलाकों में छोटे उद्योग लगाना आसान हो सकेगा। सरकार को उम्मीद है कि इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ेगा और औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।

भवन अनुमति प्रक्रिया होगी तेज

भवन निर्माण स्वीकृतियों में देरी कम करने के लिए निरीक्षण और प्रमाण पत्र जारी करने की समय सीमा तय की गई है। तय समय में कार्रवाई नहीं होने पर उसे स्वतः स्वीकृत माना जाएगा। इसके साथ ही तृतीय पक्ष निरीक्षण और आर्किटेक्ट आधारित स्वप्रमाणन व्यवस्था को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे निर्माण कार्यों में देरी कम होने की संभावना जताई जा रही है।

डिजिटल प्रणाली से बढ़ेगी पारदर्शिता

भवन अनुमति व्यवस्था को पूरी तरह डिजिटल बनाने के लिए ऑनलाइन आवेदन, डिजिटल भुगतान, स्वचालित भवन परीक्षण और डिजिटल प्रमाण पत्र जैसी सुविधाएं शुरू (Ease of Doing Business) की जा रही हैं। बताया जा रहा है कि इससे लोगों को दफ्तरों के चक्कर कम लगाने पड़ेंगे और पूरी प्रक्रिया पहले से ज्यादा पारदर्शी और तेज हो सकेगी।

निवेश और रोजगार को मिल सकता है फायदा

विशेषज्ञों के अनुसार इन बदलावों से उद्योग स्थापना की प्रक्रिया तेज होगी और निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा। साथ ही नए रोजगार के अवसर तैयार होने और आधुनिक शहरी विकास को गति मिलने की संभावना भी जताई जा रही है।

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