छत्तीसगढ़

Karhi Shootout : करही गोलीकांड में बड़ा खुलासा, महीनों से फरार चल रहा मुख्य साजिशकर्ता आखिरकार पुलिस गिरफ्त में

रिपोर्टर – साहिल राज लहरे

करही गांव में हुए चर्चित गोलीकांड मामले में बुधवार को उस वक्त हलचल (Karhi Shootout) बढ़ गई जब पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपी को पकड़ने का दावा किया। गांव और आसपास के इलाकों में सुबह से ही इस कार्रवाई की चर्चा होती रही। लोगों के बीच लगातार यह सवाल उठ रहा था कि आखिर हत्या की साजिश किसने रची और इसके पीछे असली वजह क्या थी।

पुलिस की कार्रवाई के बाद मामले से जुड़े कई चौंकाने वाले पहलू सामने आए हैं। अधिकारियों के मुताबिक तकनीकी जानकारी और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपी तक पहुंचा गया। गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के बाद हत्या के पीछे पुरानी रंजिश, कारोबार में प्रतिस्पर्धा और आर्थिक नुकसान जैसी वजहें सामने आई हैं।

ऑपरेशन हंट के तहत मिली सफलता : Karhi Shootout

पुलिस ने बताया कि करही गोलीकांड मामले में मुख्य साजिशकर्ता गनपत बघेल को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी ग्राम करही थाना बिर्रा जिला जांजगीर चांपा का रहने वाला है। इससे पहले मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा जा चुका है।

आरोपी के कब्जे से पिस्टल बरामद

पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी के पास से घटना में इस्तेमाल की गई एक पिस्टल और मैगजीन बरामद की गई है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने मामले में शामिल अन्य लोगों के बारे में भी जानकारी दी है। पुलिस का कहना है कि बाकी आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।

ऐसे हुई थी वारदात

23 और 24 अप्रैल 2026 की दरम्यानी रात तीन नकाबपोश बदमाश करही गांव में आयुष कश्यप के घर पहुंचे थे। आरोपियों ने घर में घुसकर आयुष कश्यप पर ताबड़तोड़ फायरिंग (Karhi Shootout) कर दी थी। बीच बचाव करने आए उसके छोटे भाई को भी गोली मारी गई थी। घटना में आयुष कश्यप की मौत हो गई थी जबकि उसका भाई गंभीर रूप से घायल हुआ था।

जांच में जुटी रही कई टीमें

घटना के बाद पुलिस, डॉग स्क्वॉड और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची थी। जांच के दौरान 200 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। साइबर टीम और आसूचना तंत्र लगातार सक्रिय रहा। पुलिस का कहना है कि तकनीकी जानकारी और मुखबिर से मिली सूचना ने मामले के खुलासे में अहम भूमिका निभाई।

कारोबार की रंजिश बनी हत्या की वजह

पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों और मृतक के बीच उधारी के पैसों और रेत कारोबार को लेकर लगातार विवाद चल रहा था। आरोपी को मृतक आयुष कश्यप की बढ़ती आर्थिक स्थिति और प्रभाव से जलन थी।

पुलिस के मुताबिक आरोपी गनपत बघेल अवैध रेत परिवहन का काम करता था। वहीं आयुष कश्यप भी रेत बिक्री और परिवहन के कारोबार से जुड़ा था। आरोप है कि आयुष कम कीमत पर रेत बेचकर ग्राहकों को अपनी तरफ कर रहा था, जिससे आरोपी को आर्थिक नुकसान हो रहा था।

पहले कैमरे तोड़े फिर घर में घुसे

जांच में यह भी सामने आया कि वारदात वाली रात आरोपी पहले से घर के आसपास (Karhi Shootout) मौजूद थे। सबसे पहले सीसीटीवी कैमरे तोड़े गए। इसके बाद मृतक के पिता के कमरे को बाहर से बंद कर दिया गया और फिर आयुष कश्यप के कमरे में घुसकर फायरिंग की गई।

पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं तीन आरोपी

पुलिस ने बताया कि मामले में आरोपी हेमंत बघेल, भूषण बघेल और अमित टंडन को पहले ही गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा जा चुका है। अब मुख्य साजिशकर्ता की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।

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