Crowd Management : धार्मिक स्थलों को लेकर मुख्यमंत्री का बड़ा लक्ष्य, क्या मध्यप्रदेश बनेगा देश का नया मॉडल राज्य

मध्यप्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते (Crowd Management) हुए सरकार अब व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर नई योजनाओं पर मंथन चल रहा है। इसी क्रम में प्रदेश सरकार देश के बड़े धार्मिक केंद्रों की व्यवस्थाओं का अध्ययन कर रही है ताकि यहां आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव मिल सके।
धार्मिक पर्यटन को नई ऊंचाई देने की कोशिशों के बीच सरकार का फोकस केवल मंदिरों के सौंदर्यीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी है। यही वजह है कि विभिन्न राज्यों के सफल मॉडलों का अध्ययन कर उन्हें मध्यप्रदेश में लागू करने की तैयारी की जा रही है।
धार्मिक स्थलों के लिए तैयार होगा नया मॉडल : Crowd Management
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश के प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व के स्थलों पर भीड़ प्रबंधन और नागरिक सुविधाओं को मजबूत करने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। उनका कहना है कि सरकार का उद्देश्य मध्यप्रदेश को श्रद्धालुओं के लिए एक आदर्श राज्य के रूप में विकसित करना है। उन्होंने बताया कि इसी उद्देश्य से देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर उपलब्ध व्यवस्थाओं, सुरक्षा इंतजामों और सेवा प्रणालियों का अध्ययन कराया जा रहा है।
वैष्णो देवी धाम की व्यवस्थाओं का होगा अध्ययन
जम्मू में मीडिया से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार का एक प्रतिनिधिमंडल माता वैष्णो देवी धाम (Crowd Management) पहुंचा है। यह दल वहां श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध व्यवस्थाओं और सेवा सुविधाओं का विस्तृत अध्ययन करेगा। मुख्यमंत्री के अनुसार इस अध्ययन से प्राप्त अनुभवों के आधार पर प्रदेश के धार्मिक स्थलों पर बेहतर व्यवस्थाएं विकसित करने में मदद मिलेगी।
महाकाल से ओंकारेश्वर तक होगा सुविधाओं का विस्तार
मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर, महाकालेश्वर देवस्थान, ओंकारेश्वर देवस्थान और भोजशाला जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों पर सुविधाओं को और मजबूत किया जाएगा।
सरकार का प्रयास है कि इन स्थानों पर श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित दर्शन व्यवस्था उपलब्ध हो सके। इसके लिए आधुनिक तकनीक और बेहतर प्रबंधन प्रणाली को भी शामिल किया जाएगा।
धार्मिक पर्यटन पर सरकार का बड़ा निवेश
मुख्यमंत्री ने बताया कि उज्जैन में महाकाल लोक के निर्माण के बाद अब ओंकारेश्वर धाम में करीब 3 हजार करोड़ रुपये की लागत से एकात्म धाम का निर्माण किया जा रहा है।
इसके अलावा सिंहस्थ 2028 को भव्य स्वरूप देने के लिए लगभग 30 हजार करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न निर्माण कार्य जारी हैं। वहीं ओरछा में राजाराम लोक परियोजना पर भी तेजी से काम चल रहा है।
सेवा और व्यवस्थाओं पर रहेगा विशेष फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक स्थलों पर केवल दर्शन व्यवस्था ही नहीं बल्कि शिक्षा, समाज कल्याण और सेवा गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया (Crowd Management) जाना चाहिए। उन्होंने वैष्णो देवी धाम में संचालित विभिन्न संस्थानों और व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि वहां की कई व्यवस्थाएं अनुकरणीय हैं।
उन्होंने बताया कि अध्ययन दल की रिपोर्ट और सुझावों के आधार पर मध्यप्रदेश के धार्मिक स्थलों पर नई सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर सेवाएं मिल सकें।
श्रद्धालुओं को मिलेगा बेहतर अनुभव
सरकार का मानना है कि आधुनिक सुविधाओं, प्रभावी भीड़ प्रबंधन और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था के जरिए धार्मिक स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं का अनुभव और बेहतर बनाया जा सकता है। इसी दिशा में प्रदेश सरकार विभिन्न धार्मिक केंद्रों के विकास और व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के लिए लगातार कदम उठा रही है, ताकि मध्यप्रदेश धार्मिक पर्यटन और श्रद्धालु सुविधाओं के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो सके।



