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Counterfeit Currency : नकली नोटों को लेकर बढ़ी चिंता, 500 के नोटों में सबसे ज्यादा उछाल ने खींचा ध्यान

मुंबई में जारी ताजा आंकड़ों के बाद बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र में नकली नोटों को लेकर नई चर्चा (Counterfeit Currency) शुरू हो गई है। बैंकों में पकड़े जा रहे जाली नोटों की संख्या बढ़ने से विशेषज्ञ भी सतर्क नजर आ रहे हैं। खासतौर पर पांच सौ रुपये के नोटों से जुड़े आंकड़ों ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।

वित्तीय लेनदेन के तेजी से बढ़ते दायरे के बीच सामने आई यह रिपोर्ट कई सवाल खड़े कर रही है। बैंकिंग तंत्र में नकली नोटों की बढ़ती मौजूदगी को लेकर चिंता जताई जा रही है, जबकि दूसरी ओर केंद्रीय बैंक लगातार निगरानी और नियंत्रण की बात कह रहा है।

बैंकिंग प्रणाली में बढ़े नकली नोट : Counterfeit Currency

भारतीय रिजर्व बैंक की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष 2025 26 के दौरान बैंकिंग प्रणाली में पकड़े गए नकली नोटों की संख्या में 5.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इस अवधि में कुल 2 लाख 29 हजार 746 नकली नोट पकड़े गए, जबकि एक वर्ष पहले यह संख्या 2 लाख 17 हजार 396 थी।

रिपोर्ट के अनुसार कुल वृद्धि में सबसे बड़ी भूमिका पांच सौ रुपये और दो सौ रुपये के नोटों की रही। इसी के साथ केंद्रीय बैंक ने डिजिटल रुपये के सीमापार भुगतान में उपयोग की संभावनाओं पर भी विचार करने की बात कही है।

पांच सौ रुपये के नोट सबसे ज्यादा मिले : Counterfeit Currency

वित्त वर्ष 2025 26 में पांच सौ रुपये के नकली नोट सबसे अधिक संख्या में पकड़े गए। इनकी संख्या 20.5 प्रतिशत बढ़कर 1 लाख 41 हजार 907 पहुंच गई, जबकि एक साल पहले यह आंकड़ा 1 लाख 17 हजार 722 था।

वहीं संख्या के हिसाब से सबसे तेज बढ़ोतरी बीस रुपये के नकली नोटों में दर्ज की गई। इनकी संख्या 253 से बढ़कर 373 हो गई, जो करीब 47.4 प्रतिशत की वृद्धि है।

कई मूल्य वर्गों में आई कमी

दो सौ रुपये के नकली नोटों की संख्या घटकर 30 हजार 591 रह गई, जो पिछले वित्त वर्ष में 32 हजार 660 थी। इसी तरह सौ रुपये के नकली नोट 51 हजार 69 से घटकर 45 हजार 621 पर आ गए।

पचास रुपये के नकली नोटों में भी गिरावट दर्ज की गई और इनकी संख्या 12 हजार 15 से घटकर 10 हजार 274 रह गई। दो हजार रुपये के नोटों के प्रचलन से बाहर होने के बाद इस श्रेणी के नकली नोट भी काफी कम हुए हैं। इनकी संख्या 3 हजार 508 से घटकर केवल 824 रह गई।

अधिकांश नकली नोट बैंकों में पकड़े गए

रिपोर्ट के अनुसार कुल पकड़े गए नकली नोटों में से 97.6 प्रतिशत दूसरे बैंकों (Counterfeit Currency) में मिले। इनकी संख्या 2 लाख 24 हजार 334 रही, जबकि केंद्रीय बैंक ने स्वयं 5 हजार 412 नकली नोट पकड़े। केंद्रीय बैंक ने यह भी स्पष्ट किया है कि इन आंकड़ों में पुलिस और अन्य जांच एजेंसियों द्वारा जब्त किए गए नकली नोट शामिल नहीं हैं।

पांच सौ रुपये के नोटों का बढ़ा दबदबा

रिपोर्ट में बताया गया कि बैंकिंग प्रणाली में पांच सौ रुपये के नोटों की संख्या भी तेजी से बढ़ी है। मार्च 2026 के अंत तक इनकी संख्या 7 लाख 5 हजार 482 लाख हो गई, जबकि एक वर्ष पहले यह 6 लाख 34 हजार 458 लाख थी।

संख्या के आधार पर प्रचलन में मौजूद कुल नोटों में पांच सौ रुपये के नोटों की हिस्सेदारी 41.2 प्रतिशत रही। वहीं मूल्य के हिसाब से इनका हिस्सा 86 प्रतिशत से अधिक दर्ज किया गया।

धोखाधड़ी के मामलों में भी बड़ा उछाल

बैंकों और वित्तीय संस्थानों ने वित्त वर्ष 2025 26 के दौरान 48 हजार 21 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी से जुड़े 10 हजार 114 मामले दर्ज किए। इससे पहले वित्त वर्ष 2024 25 में 32 हजार 803 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के 3 हजार 722 मामले सामने आए थे।

रिपोर्ट के अनुसार पिछले वित्त वर्ष में कर्ज श्रेणी से जुड़े मामलों का हिस्सा सबसे अधिक रहा और मूल्य के आधार पर भी इसी क्षेत्र में सबसे ज्यादा धोखाधड़ी दर्ज की गई।

अर्थव्यवस्था को लेकर भरोसा बरकरार

रिपोर्ट में केंद्रीय बैंक ने कहा है कि वैश्विक चुनौतियों और ऊर्जा कीमतों में उतार चढ़ाव के बावजूद देश की मजबूत आर्थिक बुनियाद वृद्धि को समर्थन देती रहेगी। बेहतर बैंकिंग स्थिति, कॉरपोरेट क्षेत्र की मजबूती और पूंजीगत खर्च पर जोर को सकारात्मक संकेत माना गया है। इसके साथ ही आयात और निर्यात में रुपये के बढ़ते उपयोग को भी अर्थव्यवस्था के लिए अहम उपलब्धि बताया गया है।

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