छत्तीसगढ़

Bijapur Pidiya Village Development News : नक्सलगढ़ से विकास की राह पर लौटा पीड़िया, 21 साल बाद फिर गूंजी स्कूल की घंटी

रायपुर। कभी नक्सलवाद का मजबूत गढ़ माना जाने वाला बीजापुर जिले का पीड़िया गांव अब विकास और विश्वास की नई मिसाल बनकर उभर रहा है। गंगालूर तहसील की ग्राम पंचायत पीड़िया में वर्षों तक नक्सली हिंसा के कारण जहां शिक्षा, सड़क और सरकारी योजनाएं पहुंच से दूर थीं, वहीं आज हालात तेजी से बदल रहे हैं। पीड़िया गांव (Bijapur Pidiya Village Development News) में 21 वर्षों से बंद पड़ा स्कूल फिर से खुल गया है और अब बच्चे नियमित रूप से पढ़ाई कर रहे हैं। इसके साथ ही पहली बार गांव में आधार पंजीयन शिविर का आयोजन कर ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार बस्तर संभाग के दूरस्थ और नक्सल प्रभावित इलाकों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। ‘नियद नेल्लानार’ जैसी योजनाओं और प्रशासन की सक्रिय मौजूदगी का असर अब जमीन पर दिखाई देने लगा है। पीड़िया गांव इसका ताजा उदाहरण बनकर सामने आया है, जहां वर्षों बाद विकास की गतिविधियां तेज हुई हैं।

21 साल बाद फिर खुला स्कूल, 84 बच्चों के चेहरे पर लौटी मुस्कान (Bijapur Pidiya Village Development News)

पीड़िया गांव में बदलाव की सबसे बड़ी तस्वीर शिक्षा के क्षेत्र में देखने को मिली है। नक्सली हिंसा के कारण वर्ष 2005 के आसपास गांव का स्कूल बंद हो गया था। इसके चलते एक पूरी पीढ़ी शिक्षा से वंचित रह गई। अब 21 वर्षों बाद स्कूल दोबारा शुरू होने से गांव में नई उम्मीद जगी है।

वर्तमान में 84 बच्चे नियमित रूप से विद्यालय पहुंचकर पढ़ाई कर रहे हैं। लंबे समय बाद स्कूल की घंटी की आवाज सुनाई देने से ग्रामीणों में भी खुशी (Bijapur Pidiya Village Development News) का माहौल है। अभिभावकों का कहना है कि अब उनके बच्चों को गांव छोड़कर दूर नहीं जाना पड़ रहा है और शिक्षा का अधिकार फिर से उनके घर तक पहुंच गया है।

पहली बार लगा आधार शिविर (Bijapur Pidiya Village Development News)

पीड़िया जैसे नेटवर्कविहीन और दुर्गम गांव में पहली बार विशेष आधार नामांकन एवं अद्यतन शिविर का आयोजन किया गया। जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में आयोजित इस शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे। महिलाएं, बुजुर्ग, युवा और बच्चे अपने आवश्यक दस्तावेजों के साथ आधार पंजीयन कराने पहुंचे।

तकनीकी चुनौतियों के बावजूद शिविर में 80 ग्रामीणों का सफलतापूर्वक आधार पंजीयन और आधार अपडेट किया गया। आधार कार्ड बनने के बाद अब ग्रामीणों को राशन, पेंशन, स्वास्थ्य योजनाओं, बैंकिंग सेवाओं और अन्य सरकारी सुविधाओं का लाभ लेने में आसानी होगी।

सड़क पहुंची तो बढ़ी प्रशासन की पहुंच

पीड़िया गांव तक पहले पहुंचना बेहद मुश्किल था। कच्चे रास्तों और नक्सली गतिविधियों के कारण प्रशासनिक अमला भी यहां नियमित रूप से नहीं पहुंच पाता था। लेकिन हाल के वर्षों में क्षेत्र में सड़क संपर्क बेहतर होने से अब प्रशासन की पहुंच गांव (Bijapur Pidiya Village Development News) तक आसान हुई है।

इसी का परिणाम है कि अब गांव में सरकारी शिविर, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ पहुंचना शुरू हो गया है। सरकारी योजनाएं (Bijapur Pidiya Village Development News) अब सीधे ग्रामीणों तक पहुंच रही हैं और लोगों का शासन-प्रशासन पर भरोसा भी मजबूत हुआ है।

नक्सलवाद से विकास की ओर बढ़ता गांव

स्थानीय ग्रामीण बताते हैं कि एक समय ऐसा था जब नक्सली गतिविधियों के कारण सामान्य जीवन भी मुश्किल था। सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता था और गांव पूरी तरह अलग-थलग था। अब हालात बदल चुके हैं। गांव में शांति का माहौल है और लोग शिक्षा, स्वास्थ्य, पहचान और रोजगार जैसी सुविधाओं से जुड़ रहे हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि आधार शिविर केवल दस्तावेज बनाने का कार्यक्रम नहीं था, बल्कि यह शासन और ग्रामीणों के बीच भरोसे की नई शुरुआत का प्रतीक है। इससे लोगों को यह विश्वास मिला है कि सरकार अब उनके गांव तक पहुंच रही है।

विकास की नई पहचान बन रहा पीड़िया (Bijapur Pidiya Village Development News)

प्रशासन का मानना है कि पीड़िया गांव में हुए बदलाव से स्पष्ट है कि जब सड़क, शिक्षा और सरकारी सेवाएं दूरस्थ इलाकों तक पहुंचती हैं तो विकास की नई तस्वीर सामने आती है। 21 साल बाद स्कूल का दोबारा खुलना, पहली बार आधार शिविर का आयोजन और ग्रामीणों का सरकारी योजनाओं से जुड़ना इस बदलाव की सबसे बड़ी मिसाल है।

बीजापुर का यह गांव अब नक्सलवाद की पहचान से बाहर निकलकर विकास, शिक्षा और विश्वास की नई राह पर आगे बढ़ रहा है। आने वाले समय में यहां और भी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा, ताकि गांव पूरी तरह विकास की मुख्यधारा (Bijapur Pidiya Village Development News) से जुड़ सके।

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