Thailand Princess : तीन वर्षों तक चली जिंदगी की जंग हार गईं राजकुमारी, पूरे देश में छाया शोक का माहौल

बैंकॉक। गुरुवार की शाम थाईलैंड में एक ऐसी खबर सामने आई जिसने लाखों लोगों को भावुक (Thailand Princess) कर दिया। राजधानी से लेकर दूरदराज इलाकों तक लोग राजपरिवार की उस सदस्य को याद करते दिखाई दिए, जिन्होंने वर्षों तक सामाजिक सेवा और जनकल्याण के क्षेत्र में काम किया था। उनके निधन की खबर मिलते ही कई जगहों पर लोगों ने श्रद्धांजलि अर्पित की।
अस्पताल के बाहर भी माहौल बेहद भावुक नजर आया। लंबे समय से उनकी सेहत को लेकर चिंतित लोग लगातार जानकारी ले रहे थे। जैसे ही आधिकारिक घोषणा हुई, देशभर में शोक संदेश आने लगे और उनके सार्वजनिक जीवन के योगदान की चर्चा फिर से शुरू हो गई।
लंबे इलाज के बाद थमी जीवन यात्रा : Thailand Princess
थाईलैंड की राजकुमारी बज्रकितियाभा नरेन्द्रदेब्यावती का 47 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वह करीब तीन साल से गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही थीं और चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा था।
सरकारी अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने 11 जून 2026 को बैंकॉक स्थित अस्पताल में अंतिम सांस ली। पिछले कई महीनों से उनकी स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई थी।
वर्ष 2022 में बिगड़ी थी तबीयत
दिसंबर 2022 में एक प्रशिक्षण सत्र के दौरान राजकुमारी अचानक अस्वस्थ होकर गिर पड़ी थीं। इसके बाद उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू किया।
समय के साथ स्वास्थ्य संबंधी जटिलताएं बढ़ती गईं। संक्रमण और अन्य चिकित्सकीय समस्याओं ने उनकी हालत को और गंभीर बना दिया, जिसके चलते वह लंबे समय तक कोमा में रहीं।
भारत समेत कई देशों ने जताया दुख
राजकुमारी के निधन पर विभिन्न देशों से संवेदनाएं व्यक्त की गईं। भारत ने भी शोक प्रकट करते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन और कूटनीतिक क्षेत्र में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है। संवेदना संदेशों में उनके जनहित कार्यों और समाज के कमजोर वर्गों के लिए किए गए प्रयासों को विशेष रूप से याद किया गया।
महिलाओं के अधिकारों के लिए किया काम
राजकुमारी सामाजिक सुधारों से जुड़े कई अभियानों का हिस्सा (Thailand Princess) रहीं। उन्होंने विशेष रूप से महिला कैदियों के पुनर्वास और उनके अधिकारों के संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण पहल की थी। उनके प्रयासों का असर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी दिखाई दिया और महिलाओं से जुड़े सुधार कार्यक्रमों को नई पहचान मिली।
अंतरराष्ट्रीय मंचों पर निभाई जिम्मेदारियां
कानून की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। वह अंतरराष्ट्रीय संगठनों और राजनयिक मिशनों के साथ भी सक्रिय रूप से जुड़ी रहीं। विदेशों में देश का प्रतिनिधित्व करने के साथ उन्होंने सामाजिक न्याय और मानवीय मूल्यों से जुड़े मुद्दों पर भी काम किया।
अंतिम दर्शन के लिए उमड़े लोग
निधन की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में लोग श्रद्धांजलि देने (Thailand Princess) पहुंचे। कई नागरिकों ने उन्हें दयालु, संवेदनशील और जनसेवा के लिए समर्पित व्यक्तित्व बताया। राजकीय परंपराओं के अनुसार उनके अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। आने वाले दिनों में विभिन्न धार्मिक और राजकीय कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना है।



