संपादकीय

संपादकीय: बारूद की ढेर पर मिडिल इस्ट

Editorial: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सनक के चलते आज पूरा मिडिल इस्ट बारूद की ढेर पर जा बैठा है। एक सप्ताह से अमेरिका और इजराइल ईरान पर बमबारी करके कहर ढा रहे हैं तो जवाबी कार्यवाही के रूप में ईरान ने भी खाड़ी के उन देशों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है जहां अमेरिका ने अपने सैन्य अड्डे कायम कर रखे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा है कि वे ईरान को तबाह करके ही दम लेंगे तो वहीं ईरान ने भी चेतावनी दी है कि हम हर हमले का जवाब देंगे और अपनी लड़ाई को और तेज करेंगे इसके लिए अमेरिका को बहुत पछताना पड़ेगा।

गौरतलब है कि अब डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ अपना प्लान 8 एक्टिवेट कर दिया है जिसके तहत अब अमेरिका और इजराइल ईरान के खिलाफ अपनी जंग को और तेज करेंगे। अब तक इस जंग के चलते ईरान ने लगभग 1300 लोगों की मौत हो चुकी है। ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई सहित कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारी भी मारे जा चुके हैं। इसके बाद ईरान ने खामेनेई के बेटे को अपना नया सुप्रीम लीडर चुनर लिया है और अमेरिका तथा इजराइल को सबक सिखाने का संकल्प ले लिया है।

कहते हैं न कि गेंहू के साथ घुन भी पीसा जाता है यही हाल अमेरिका के समर्थक सउदी अरब और अन्य खाड़ी देशों का है जिनके खिलाफ ईरान ने मोर्चा खोल रखा है और वहां के तेल भंडारों पर ही निशाना साध रहा है। ईरान पूरी दुनिया में तेल का संकट खड़ा करना चाहता है और यदि वह इसमें कामयाब होता है तो पूरे विश्व पर मंहगाई बम ऐसा भूटेगा की त्राही त्राही मच जाएगी। वैसे ईरान ने भारत के प्रति नरम रूख दिखाया है और कहा है कि स्टेट ऑफ होर्मूज भारत के लिए खुला रहेगा। मतलब यहां से भारत के लिए तेल टैंकरों की आवाजाही जारी रहेगी।

जबकि ईरान ने अमेरिका, इजराइल और अन्य यूरोपीय देशों के लिए आईल रूट को बंद कर दिया है। भारत के लिए अच्छी खबर यह भी है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को और एक माह तक रूस से कच्चा तेल आयात करने की छूट दे दी है। जिससे भारत में फिल्हाल तो तेल का संकट खड़ा नहीं होगा लेकिन यदि यह जंग आगे भी जारी रही तो पूरी दुनिया को तेल संकट का सामना करना पड़ेगा। बेहतर होगा कि मिडिल ईस्ट को जंग की आग से झुलसने से बचाने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद तत्काल हस्तक्षेप करे अन्यथा पूरी दुनिया को एक और विश्व युद्ध का न सिर्फ सामना करना पड़ेगा बल्कि इसके गंभीर दुसपरिणाम भी भुगतने पड़ेंगे।

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