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Tomato Price : टमाटर की कीमतों ने फिर बढ़ाई चिंता, कुछ ही दिनों में रसोई का हिसाब बिगड़ा

बाजारों में इन दिनों सबसे ज्यादा चर्चा टमाटर को लेकर (Tomato Price) हो रही है। सुबह से सब्जी मंडियों में खरीदार दाम पूछते नजर आ रहे हैं और कई जगह लोग आधा किलो लेकर ही काम चला रहे हैं। दुकानदार भी लगातार बदलते भाव से परेशान दिख रहे हैं। घरों की रसोई में रोज इस्तेमाल होने वाली यह सब्जी अचानक फिर महंगी हो गई है।

कई इलाकों में लोगों का कहना है कि पिछले हफ्ते तक जो टमाटर आराम से मिल रहा था, अब वही जेब पर भारी पड़ने लगा है। मंडियों में हलचल बढ़ गई है और अच्छे टमाटर के दाम सुनकर ग्राहक रुककर दोबारा पूछ रहे हैं। बढ़ती कीमतों ने आम परिवारों का मासिक बजट फिर से गड़बड़ा दिया है।

कई शहरों में तेजी से बढ़े दाम : Tomato Price

देश के अलग अलग हिस्सों में टमाटर की कीमतों में अचानक बड़ा उछाल देखा गया है। बीते 10 से 15 दिनों के भीतर कई जगहों पर दाम करीब 50 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं। अच्छी गुणवत्ता वाले टमाटर कई बाजारों में 100 रुपये किलो तक बिक रहे हैं। इससे रोजमर्रा का खर्च बढ़ने लगा है।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक खुदरा कीमतों में पिछले एक महीने के दौरान 25 प्रतिशत से लेकर 100 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। ऑल इंडिया एवरेज रिटेल प्राइस 36 रुपये किलो से बढ़कर 46 रुपये किलो पहुंच गया है। चंडीगढ़ में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी दर्ज हुई है जहां दाम 112 प्रतिशत तक बढ़ गए। वहीं आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश में भी कीमतों में 40 प्रतिशत से ज्यादा का इजाफा हुआ है।

बारिश से फसल पर पड़ा असर

टमाटर महंगा होने की सबसे बड़ी वजह ज्यादा बारिश को माना (Tomato Price) जा रहा है। अक्टूबर महीने में हुई भारी बारिश ने कई राज्यों में फसल को नुकसान पहुंचाया। खेतों में पानी भरने और खराब मौसम की वजह से उत्पादन प्रभावित हुआ, जिससे बाजार में सप्लाई कम हो गई।

महाराष्ट्र में थोक बाजारों के भाव पिछले महीने की तुलना में करीब 45 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं। वहीं दिल्ली में भी थोक कीमतों में करीब 26 प्रतिशत की तेजी देखी गई है। सप्लाई कमजोर होने से खुदरा बाजारों पर भी इसका असर साफ दिखाई देने लगा है।

मंडियों में कम पहुंच रहे ट्रक

व्यापारियों के मुताबिक कर्नाटक, महाराष्ट्र और गुजरात से आने वाले टमाटर के ट्रकों की संख्या काफी घट गई है। पहले जहां रोज बड़ी संख्या में गाड़ियां पहुंचती थीं, अब आवक आधी से भी कम बताई जा रही है। इसी कारण मंडियों में माल कम पड़ रहा है और दाम ऊपर जा रहे हैं।

सब्जी कारोबारियों का कहना है कि बारिश के कारण फसल खराब हुई है और दूसरी तरफ शादी विवाह का मौसम शुरू होने से मांग भी बढ़ गई है। आने वाले त्योहार और साल के आखिर के आयोजन भी बाजार में खपत बढ़ा रहे हैं। इसी वजह से कीमतों पर दबाव लगातार बना हुआ है।

पहले गिरे थे दाम, अब फिर बढ़ी महंगाई

दिलचस्प बात यह है कि कुछ समय पहले तक प्याज, आलू और टमाटर की कीमतों में गिरावट से खुदरा महंगाई दर काफी नीचे (Tomato Price) आ गई थी। उस समय टमाटर में करीब 42.9 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी। लेकिन अब हालात तेजी से बदल गए हैं और महंगाई फिर बढ़ती दिखाई दे रही है।

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