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High Court : राष्ट्रीय राजमार्ग विवाद में ओबीसीएल को राहत, सीमांकन पूरा होने तक रोक दिया गया नोटिस

रायपुर के सिलतरा औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े जमीन विवाद मामले में हाईकोर्ट के फैसले के बाद कानूनी और औद्योगिक हलकों में चर्चा (High Court) तेज हो गई है। कंपनी को मिली अंतरिम राहत के बाद अब लोगों की नजर आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई है। इलाके में इस मामले को लेकर लंबे समय से चर्चा चल रही थी।

मामले में अदालत की टिप्पणी सामने आने के बाद संबंधित पक्षों के बीच हलचल बढ़ गई है। कंपनी की ओर से लगातार यह कहा जा रहा था कि बिना सही सीमांकन के अतिक्रमण का आरोप लगाया गया, जबकि दूसरी तरफ राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ी कार्रवाई को नियमों के तहत बताया जा रहा था।

ओबीसीएल को मिली अंतरिम राहत : High Court

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े कथित अतिक्रमण मामले में ओबीसीएल को अंतरिम राहत दी है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि जमीन का विधिवत सीमांकन किए बिना किसी प्रकार की दमनात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। कोर्ट ने कहा कि सीमांकन की प्रक्रिया पूरी होने और सक्षम प्राधिकारी द्वारा अंतिम आदेश पारित किए जाने तक नोटिस पर रोक रहेगी।

कंपनी ने क्या कहा

याचिका में कंपनी की ओर से बताया गया कि रायपुर के सिलतरा औद्योगिक क्षेत्र में करीब 18 हजार 725 वर्गफुट जमीन वर्ष 2009 में वैधानिक रूप से आवंटित की गई थी। इसके बाद वर्ष 2020 में 99 साल की लीज डीड भी निष्पादित की गई। बावजूद इसके अतिक्रमण हटाने का नोटिस जारी किया गया था।

सीमांकन को लेकर उठाया सवाल

कंपनी की तरफ से अदालत में कहा गया कि बिना अधिकृत सीमांकन के अतिक्रमण का आरोप लगाना नियमों (High Court) के अनुरूप नहीं है। वहीं राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से अदालत को बताया गया कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार राष्ट्रीय राजमार्गों से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही है।

अदालत ने दिए स्पष्ट निर्देश

मामले की सुनवाई के बाद जस्टिस Amitendu Kishore Prasad की सिंगल बेंच ने संबंधित भूमि का सीमांकन नियमानुसार कराने का निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि सीमांकन की प्रक्रिया सभी संबंधित पक्षों की मौजूदगी में पूरी की जाए ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके।

45 दिनों में पूरी होगी प्रक्रिया

हाईकोर्ट ने सीमांकन की पूरी प्रक्रिया 45 दिनों के भीतर पूरी करने के निर्देश (High Court) दिए हैं। साथ ही कहा गया है कि अंतिम आदेश आने तक 2 मई 2026 को जारी नोटिस प्रभावी नहीं रहेगा। अब आगे की कार्रवाई सीमांकन रिपोर्ट के आधार पर तय होगी।

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