AI In IT Services : एआई से नहीं घटेगी आईटी सर्विसेज की भूमिका, बल्कि बढ़ेगा काम का दायरा: जेपी मॉर्गन की रिपोर्ट

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर आईटी सेक्टर में फैली आशंकाओं के बीच जेपी मॉर्गन की एक ताजा रिपोर्ट ने राहत देने वाला आकलन (AI In IT Services) पेश किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि एआई के बढ़ते उपयोग से आईटी सर्विसेज की जरूरतें खत्म नहीं होंगी, बल्कि यह कंपनियों और एंटरप्राइज टीमों के लिए एक ऐसा टूल बन जाएगा, जिससे वही बजट रहते हुए ज्यादा और बेहतर काम किया जा सकेगा।
जेपी मॉर्गन के अनुसार, एआई की भूमिका ठीक वैसी ही होगी जैसी पिछले तकनीकी चक्रों में ऑफशोर लेबर, एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर और क्लाउड कंप्यूटिंग की रही है। इन तकनीकों ने काम करने के तरीके बदले, लेकिन आईटी सर्विस प्रोवाइडर्स की जरूरत को खत्म नहीं किया।
कम बजट, ज्यादा आउटपुट… फिर भी सर्विस प्रोवाइडर्स जरूरी
रिपोर्ट में कहा गया है कि एंटरप्राइज टेक्नोलॉजी टीमें, जिन्हें लंबे समय से बिजनेस की मांग के मुकाबले कम फंड वाला माना (AI In IT Services) जाता रहा है, एआई के सहारे कम खर्च में अधिक आउटपुट हासिल कर सकती हैं। हालांकि, यह तकनीक पूरी तरह से आईटी सर्विस प्रोवाइडर्स की जगह नहीं ले सकती।
रिपोर्ट में आईटी कंपनियों को “तकनीक की दुनिया का प्लंबर” बताते हुए कहा गया है कि जैसे जटिल पाइपलाइन सिस्टम को संभालने के लिए विशेषज्ञ की जरूरत होती है, वैसे ही खास एआई-आधारित सॉफ्टवेयर को डिजाइन, इंटीग्रेट और ऑपरेट करने के लिए भी गहरी तकनीकी विशेषज्ञता अनिवार्य रहेगी।
बाजार की कमजोरी और निवेशकों की चिंता
जेपी मॉर्गन का मानना है कि हाल के दिनों में शेयर बाजार में आई कमजोरी इस डर को दर्शाती है कि एआई की तेज प्रगति कहीं आईटी कंपनियों की राजस्व वृद्धि को धीमा न कर दे। रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले महीने निफ्टी आईटी इंडेक्स में करीब 10 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि अन्य प्रमुख निफ्टी इंडेक्स लगभग स्थिर बने रहे।
मंदी का तर्क बनाम रिपोर्ट का निष्कर्ष
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि बाजार के कुछ मंदड़ियों का तर्क है कि एआई, सॉफ्टवेयर और SaaS मॉडल को खुद ही खत्म (AI In IT Services) कर देगा, जिससे आईटी सर्विसेज के काम का दायरा सिमट जाएगा। हालांकि, जेपी मॉर्गन इस सोच से सहमत नहीं है। बैंक का कहना है कि एआई एक “रिप्लेसमेंट” नहीं, बल्कि “एनेबलर” की भूमिका निभाएगा और आईटी कंपनियों के लिए नए अवसर खोलेगा।



