IED Blast : नक्सलियों के जाल में फंसे तीन जवान, आईईडी विस्फोट में हुए बलिदान

कांकेर के नक्सल प्रभावित इलाके से आई इस खबर ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। सुबह से ही इलाके में हलचल (IED Blast) तेज है और सुरक्षा बलों के बीच गहरी चिंता का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों के बीच भी इस घटना को लेकर चर्चा है और हर कोई जानना चाहता है कि आखिर अचानक ऐसा क्या हुआ।
घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई है। आसपास के इलाकों में चौकसी बढ़ा दी गई है और जवानों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर ऑपरेशन के दौरान मौजूद खतरे को सामने ला दिया है।
डी माइनिंग के दौरान हुआ विस्फोट (IED Blast)
Kanker जिले के नक्सल प्रभावित क्षेत्र में डी माइनिंग अभियान के दौरान आईईडी विस्फोट हो गया। इस घटना में जिला रिजर्व गार्ड के तीन जवान शहीद हो गए, जबकि एक अन्य जवान गंभीर रूप से घायल हो गया। यह हादसा उस समय हुआ जब सुरक्षा बलों की टीम इलाके में सर्च ऑपरेशन के साथ डी माइनिंग का काम कर रही थी।
ऑपरेशन के दौरान हादसा
पुलिस के मुताबिक छोटेबेठिया थाना क्षेत्र में कांकेर और नारायणपुर सीमा पर सुरक्षा बलों की टीम को एरिया डॉमिनेशन और सर्च ऑपरेशन के लिए भेजा गया था। इसी दौरान एक आईईडी को निष्क्रिय करने की प्रक्रिया चल रही थी, तभी अचानक विस्फोट हो गया और चार जवान इसकी चपेट में आ गए।
तीन जवान मौके पर शहीद (IED Blast)
घायलों में इंस्पेक्टर सुखराम वट्टी, कॉन्स्टेबल कृष्णा कोमरा और कॉन्स्टेबल संजय गढ़पाले गंभीर रूप से घायल हुए और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वहीं कॉन्स्टेबल परमानंद कोमरा को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
पहले भी मिल चुके हैं आईईडी
बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक Sundarraj P ने बताया कि पिछले कुछ समय में आत्मसमर्पित माओवादी कैडरों से मिली जानकारी के आधार पर कई आईईडी बरामद कर निष्क्रिय किए गए हैं। यह घटना भी उसी दौरान हुई जब एक आईईडी को सुरक्षित तरीके से हटाने की कोशिश की जा रही थी।
सर्च ऑपरेशन तेज
घटना के बाद पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन और तेज कर दिया (IED Blast) गया है। सुरक्षा बलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं और आसपास के क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है। फिलहाल मामले में आगे की जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।



