Jaggi Murder Case Hearing : जग्गी हत्याकांड में 1 अप्रैल को होगी अंतिम सुनवाई, अमित जोगी को फिर कोर्ट का बुलावा

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित रामावतार जग्गी हत्याकांड में कानूनी हलचल तेज हो गई है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर हाई कोर्ट में दोबारा सुनवाई जारी है और 1 अप्रैल को अंतिम सुनवाई तय की गई है। बरी हो चुके अमित जोगी को भी कोर्ट में पेश होने का निर्देश दिया गया है, जिससे मामला फिर सुर्खियों में है।
छत्तीसगढ़ के चर्चित रामावतार जग्गी हत्याकांड में एक बार फिर बड़ा मोड़ आ गया है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद इस मामले की सुनवाई दोबारा शुरू हुई है और अब 1 अप्रैल को अंतिम सुनवाई (Jaggi Murder Case Hearing) तय कर दी गई है। इस केस में बरी हो चुके Amit Jogi को भी कोर्ट में पेश होने का निर्देश दिया गया है, जिससे उनकी मुश्किलें फिर बढ़ती नजर आ रही हैं यह मामला लंबे समय से कानूनी प्रक्रिया में उलझा हुआ था, लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद इसे नए सिरे से सुना जा रहा है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर दोबारा सुनवाई (Jaggi Murder Case Hearing)
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सीबीआई की उस अपील को स्वीकार किया, जिसमें अमित जोगी को बरी किए जाने के फैसले को चुनौती दी गई थी। कोर्ट ने निर्देश दिया कि इस मामले पर गुण-दोष के आधार पर फिर से विचार किया जाए। इससे पहले हाई कोर्ट ने तकनीकी कारणों और देरी के आधार पर अपील को खारिज कर दिया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इसे गंभीरता से लेते हुए पुनः सुनवाई का रास्ता साफ किया।
1 अप्रैल को अंतिम सुनवाई तय
हाई कोर्ट में हाल ही में हुई सुनवाई के बाद अब इस केस की अगली और संभावित अंतिम सुनवाई 1 अप्रैल को तय की गई है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि इस दिन मामले में अहम निर्णय की दिशा तय हो सकती है। इससे पहले कोर्ट ने अमित जोगी और शिकायतकर्ता सतीश जग्गी को 25 मार्च 2026 को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने का निर्देश दिया था, ताकि सुनवाई प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके।
सतीश जग्गी ने मांगा समय, वकील बदलने की तैयारी
सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता Satish Jaggi खुद हाई कोर्ट में उपस्थित हुए। उन्होंने कोर्ट से अनुरोध किया कि वे नया वकील नियुक्त करना चाहते हैं और इसके लिए कुछ समय चाहिए। चीफ जस्टिस Ramesh Sinha और जस्टिस Arvind Kumar Verma की बेंच ने न्याय के हित में उनके इस अनुरोध को स्वीकार कर लिया। इसके बाद मामले की अगली सुनवाई की तारीख 1 अप्रैल तय कर दी गई (Jaggi Murder Case Hearing)।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला साल 2003 का है, जब एनसीपी नेता Ramavatar Jaggi की रायपुर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड को राजनीतिक साजिश से जोड़कर देखा गया था। इस केस में कुल 31 आरोपियों को शामिल किया गया था, जिनमें से कुछ बाद में सरकारी गवाह बन गए।
जांच के दौरान मामला सीबीआई को सौंपा गया था, जिसने व्यापक जांच की। 31 मई 2007 को रायपुर की विशेष अदालत ने सबूतों के अभाव में अमित जोगी को बरी कर दिया था, जबकि अन्य कई आरोपियों को सजा सुनाई गई थी। इसके खिलाफ सतीश जग्गी ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की थी।
19 साल पुराने केस की फाइल फिर खुली
करीब 19 साल पुराने इस मामले में अब एक बार फिर कानूनी प्रक्रिया तेज हो गई है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद हाई कोर्ट इस केस को नए सिरे से देख रहा है, जिससे पुराने फैसलों की समीक्षा हो रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस केस का फैसला न केवल कानूनी दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण होगा, बल्कि राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है।



