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RTE Admission : लंबे विवाद के बाद निजी स्कूलों ने लिया फैसला, अब कल से शुरू होंगे आरटीई प्रवेश

छत्तीसगढ़ में आरटीई प्रवेश को लेकर पिछले कई हफ्तों से बनी अनिश्चितता के बीच आखिरकार बड़ी राहत की खबर सामने (RTE Admission) आई है। निजी स्कूलों में दाखिले रुकने से परेशान अभिभावकों के बीच रविवार को नई घोषणा के बाद राहत का माहौल दिखाई दिया। कई परिवार लगातार स्कूलों और शिक्षा विभाग के चक्कर लगा रहे थे और बच्चों की पढ़ाई को लेकर चिंता बढ़ती जा रही थी।

प्रदेशभर में इस मुद्दे को लेकर काफी चर्चा चल रही थी। खासकर कमजोर और वंचित वर्ग के परिवार अपने बच्चों के भविष्य को लेकर परेशान थे। अब निजी स्कूल प्रबंधन संगठन के नए फैसले के बाद सोमवार से फिर प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने जा रही है।

18 मई से फिर शुरू होंगे प्रवेश : RTE Admission

छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन ने फैसला लिया है कि सोमवार 18 मई से आरटीई के तहत बच्चों को प्रवेश दिया जाएगा। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष राजीव गुप्ता ने कहा कि वंचित वर्ग के बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसलिए यह निर्णय लिया गया है।

आंदोलन अभी रहेगा जारी

संगठन ने साफ किया है कि उनकी मांगों को लेकर असहयोग आंदोलन खत्म नहीं हुआ है। प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में निर्णय लिया गया कि जब तक सरकार उनकी प्रमुख मांगें पूरी नहीं करती, आंदोलन जारी रहेगा।

पहले रोक दिए गए थे प्रवेश

निजी स्कूलों ने 1 मार्च से असहयोग आंदोलन शुरू किया था। इसी के तहत इस साल आरटीई के अंतर्गत प्रवेश नहीं देने का फैसला लिया गया था। संगठन का कहना है कि उनकी मांगों की लगातार अनदेखी की जा रही थी।

प्रतिपूर्ति राशि को लेकर विवाद

निजी स्कूल प्रबंधन लंबे समय से प्रतिपूर्ति राशि बढ़ाने की मांग (RTE Admission) कर रहा है। इस मामले को लेकर हाई कोर्ट में याचिका भी दायर की गई थी। अदालत ने पहले सरकार को छह महीने के भीतर निर्णय लेने के निर्देश दिए थे। संगठन का आरोप है कि आदेश का पालन नहीं होने के कारण अवमानना याचिका दायर करनी पड़ी, जिसके बाद स्कूल शिक्षा सचिव को नोटिस जारी हुआ।

एंट्री क्लास बदलने पर भी नाराजगी

संगठन ने इस वर्ष एंट्री क्लास को बदलकर पहली कक्षा किए जाने पर भी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि इससे कई वंचित परिवारों के बच्चे प्रवेश से दूर हो गए हैं। प्रबंधन का दावा है कि पहले हर साल लगभग 65 हजार बच्चों को प्रवेश मिलता था, लेकिन इस बार सीटों की संख्या काफी कम हो गई है।

सरकार से फिर उठाई मांग

निजी स्कूल संगठन ने सरकार से इस वर्ष प्रति विद्यार्थी खर्च की राशि सार्वजनिक करने की मांग (RTE Admission) दोहराई है। उनका कहना है कि नियमों के अनुसार निजी स्कूलों को भी उसी आधार पर प्रतिपूर्ति राशि दी जानी चाहिए।

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