छत्तीसगढ़

Chhattisgarh IAS promotion: चार आईएएस बने सचिव, दो अफसरों की पदोन्नति रोकी गई

राज्य सरकार ने Chhattisgarh IAS promotion के तहत वर्ष 2010 बैच के चार आईएएस अधिकारियों को सचिव पद पर पदोन्नति देने का फैसला किया है। विभागीय पदोन्नति समिति की अनुशंसा पर सरकार ने सारांश मित्तर, पदुम सिंह एल्मा, रमेश कुमार शर्मा और धर्मेश कुमार साहू को सचिव पद पर पदोन्नत करने की स्वीकृति दी है। यह निर्णय प्रशासनिक ढांचे को मजबूती देने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

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हालांकि Chhattisgarh IAS promotion प्रक्रिया के दौरान दो वरिष्ठ अधिकारियों की पदोन्नति रोक दी गई है। विशेष सचिव जय प्रकाश मौर्य और उनकी पत्नी रानू साहू को जांच लंबित होने के कारण पदोन्नति से वंचित रखा गया है। दोनों अधिकारी प्रवर्तन निदेशालय (ED) और आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) की जांच के घेरे में हैं। जय प्रकाश मौर्य पर डीएमएफ और कोयला घोटाले से जुड़े मामलों में संलिप्तता के आरोप हैं, जिनके तहत उनके ठिकानों पर पूर्व में छापेमारी भी हो चुकी है।

सरकारी सूत्रों के अनुसार Chhattisgarh IAS promotion से जुड़े नियमों के तहत जिन अधिकारियों के खिलाफ गंभीर जांच लंबित होती है, उनकी पदोन्नति पर निर्णय अंतिम जांच रिपोर्ट तक रोका जा सकता है। इसी आधार पर दोनों अधिकारियों के मामले फिलहाल लंबित रखे गए हैं।

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इधर, चार आईएएस अधिकारियों के सचिव बनने और दो कलेक्टरों के केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति पर जाने से राज्य प्रशासनिक सेवा में जल्द ही बड़े स्तर पर तबादलों की संभावना जताई जा रही है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कई जिलों और विभागों में नए कलेक्टर और सचिव स्तर के अधिकारी पदस्थ किए जा सकते हैं।

कुल मिलाकर Chhattisgarh IAS promotion को लेकर यह फैसला जहां प्रशासनिक संतुलन साधने का प्रयास है, वहीं यह संदेश भी देता है कि जांच के दायरे में आए अधिकारियों के मामलों में सरकार सतर्क रुख अपनाए हुए है।

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