राजनीति

Bengal CM : बंगाल की सत्ता में किसका नाम हुआ तय, सुबह होने वाली है सबसे बड़ी राजनीतिक ताजपोशी

कोलकाता में शुक्रवार को दिनभर राजनीतिक सरगर्मी चरम पर रही। पार्टी कार्यालय के बाहर सुबह से ही समर्थकों और नेताओं की आवाजाही बढ़ी हुई थी। अंदर चल रही बैठक को लेकर हर किसी की नजर टिकी थी। जैसे ही विधायक दल की चर्चा आगे बढ़ी, राजधानी के सियासी गलियारों में यह खबर तेजी से फैलने लगी कि बंगाल को अब नया मुख्यमंत्री मिलने वाला है।

बैठक खत्म होने के बाद माहौल पूरी तरह बदल गया। कई नेता खुलकर खुशी जताते नजर (Bengal CM) आए तो समर्थकों ने बाहर जश्न शुरू कर दिया। राजनीतिक हलकों में लगातार यही चर्चा रही कि आखिरकार लंबे इंतजार के बाद सत्ता की कमान अब शुभेंदु अधिकारी के हाथ में जा सकती है। शनिवार सुबह होने वाला शपथ ग्रहण समारोह अब पूरे बंगाल की सबसे बड़ी चर्चा बन गया है।

Bengal CM
Bengal CM

विधायक दल की बैठक में बनी सहमति

भारतीय जनता पार्टी की विधायक दल की बैठक में शुभेंदु अधिकारी के नाम पर सहमति बन गई। सभी विधायकों ने उनके नाम का समर्थन किया। बैठक में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह भी पर्यवेक्षक के तौर पर मौजूद रहे। इसके बाद सरकार गठन की प्रक्रिया और तेज हो गई। अब राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किए जाने की तैयारी है।

कल सुबह होगा शपथ ग्रहण समारोह (Bengal CM)

राज्यपाल से सरकार बनाने का न्योता मिलने के बाद शनिवार सुबह 11 बजे कोलकाता में भव्य शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित होगा। विधानसभा चुनाव में पार्टी को दो तिहाई से ज्यादा बहुमत मिला है। इसी के साथ पहली बार बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने जा रही है।

विधानसभा भंग होने के बाद साफ हुआ रास्ता

इससे पहले 7 मई को राज्यपाल ने पश्चिम बंगाल की 17वीं विधानसभा को भंग कर दिया था। इसके साथ ही ममता बनर्जी सरकार का कार्यकाल भी समाप्त हो गया। मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं दिए जाने के बाद संवैधानिक प्रक्रिया आगे बढ़ी और विधानसभा भंग कर दी गई। अब नई सरकार के गठन का रास्ता पूरी तरह साफ माना जा रहा है।

क्यों सबसे मजबूत माने गए शुभेंदु अधिकारी (Bengal CM)

शुभेंदु अधिकारी को लंबे समय से पार्टी का बड़ा चेहरा माना जा रहा था। उन्होंने पहले नंदीग्राम में ममता बनर्जी को कड़ी चुनौती दी और इस बार भवानीपुर में भी बड़ा राजनीतिक मुकाबला जीतकर अपनी स्थिति मजबूत कर ली। इसके बाद से ही उन्हें मुख्यमंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे माना जा रहा था।

बड़ी जीत के पीछे भी अहम भूमिका

विधानसभा चुनाव में पार्टी को बड़ी बढ़त दिलाने का श्रेय भी शुभेंदु अधिकारी को दिया जा रहा है। पार्टी का आंकड़ा 207 सीटों तक पहुंचाने में उनकी भूमिका अहम (Bengal CM) मानी गई। नेता प्रतिपक्ष रहने के दौरान उन्होंने संगठन और प्रशासन दोनों स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाई। यही वजह रही कि शीर्ष नेतृत्व का भरोसा लगातार उन पर बना रहा।

Related Articles

Back to top button