Simhastha 2028 : सिंहस्थ की तैयारियों में जुटा उज्जैन, घाट और रास्तों के विस्तार पर तेजी से चल रहा काम

उज्जैन में सिंहस्थ को लेकर तैयारियां अब जमीन पर तेजी से दिखाई (Simhastha 2028) देने लगी हैं। शहर के घाटों और प्रमुख मार्गों पर लगातार काम चल रहा है, जिससे पूरे इलाके में हलचल बढ़ गई है। स्थानीय लोग भी विकास कार्यों को लेकर चर्चा करते नजर आ रहे हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन कई स्तर पर तैयारियों में जुटा हुआ है।
रामघाट और आसपास के इलाकों में निरीक्षण के दौरान अधिकारियों की आवाजाही भी बनी रही। शहर के लोग उम्मीद जता रहे हैं कि आने वाले समय में इन कार्यों से उज्जैन को लंबे समय तक फायदा मिलेगा। प्रशासन का फोकस इस बार व्यवस्थाओं को ज्यादा मजबूत और व्यवस्थित बनाने पर है।
मुख्यमंत्री ने किया निरीक्षण : Simhastha 2028
Mohan Yadav ने उज्जैन पहुंचकर हरसिद्धि पाल से रामघाट तक चल रहे मार्ग चौड़ीकरण कार्य का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सभी कार्य तय समय सीमा में और अच्छी गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं।
विकास कार्यों में जनता का सहयोग
मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंहस्थ 2028 के लिए घाटों और मार्गों का विस्तार किया जा रहा है ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा मिल सके। उन्होंने कहा कि उज्जैन के जनप्रतिनिधि, नागरिक और सभी धर्मों के लोग विकास कार्यों में सहयोग कर रहे हैं। इसे उन्होंने देश के लिए नई मिसाल बताया।
लंबे समय तक मिलेगा फायदा
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी निर्माण कार्य इस तरह किए जा रहे हैं ताकि धार्मिक नगरी उज्जैन को आने वाले वर्षों तक इनका लाभ मिलता रहे। सरकार की तरफ से सभी परियोजनाओं की लगातार निगरानी की जा रही है ताकि काम में किसी तरह की लापरवाही न हो।
बाढ़ बचाव प्रशिक्षण का भी लिया जायजा
मार्ग चौड़ीकरण कार्य देखने के बाद मुख्यमंत्री ने होमगार्ड द्वारा आयोजित बाढ़ बचाव प्रशिक्षण का अवलोकन (Simhastha 2028) भी किया। उन्होंने प्रशिक्षण ले रहे जवानों का उत्साह बढ़ाया और आपदा प्रबंधन की तैयारियों की जानकारी ली।
जवानों को दिया जा रहा विशेष प्रशिक्षण
अधिकारियों ने बताया कि करीब 250 होमगार्ड जवानों को बाढ़ बचाव का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण में गहरे पानी में बचाव, नाव संचालन, तैराकी, लाइफ जैकेट का उपयोग, अंडर वॉटर रेस्क्यू और सतही जल बचाव जैसी तकनीकों की जानकारी दी जा रही है।



