राजनीति

Punjab Congress : तेल देखिए और तेल की धार देखिए, बैठक से पहले चन्नी के इस बयान से पंजाब कांग्रेस में बढ़ी हलचल

चंडीगढ़ में शनिवार की सुबह से राजनीतिक गलियारों का माहौल गर्म नजर (Punjab Congress) आया। कांग्रेस नेताओं की गतिविधियां तेज रहीं और हर किसी की नजर उस अहम बैठक पर टिकी रही, जिसमें पंजाब की अंदरूनी खींचतान पर चर्चा होनी थी। बैठक शुरू होने से पहले नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच अलग अलग तरह की चर्चाएं भी सुनाई देती रहीं।

बैठक स्थल के बाहर भी हलचल बनी रही। जैसे ही पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी पहुंचे, मीडिया ने उनसे सवाल किए। जवाब में उन्होंने केवल इतना कहा कि तेल देखिए और तेल की धार देखिए, फिर बात करेंगे। उनके इस बयान ने बैठक शुरू होने से पहले ही सियासी चर्चाओं को और तेज कर दिया।

भूपेश बघेल के साथ हुई अहम बैठक Punjab Congress

पंजाब कांग्रेस में लंबे समय से चल रहे मतभेदों को दूर करने की जिम्मेदारी लेकर पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने चंडीगढ़ में चरणजीत सिंह चन्नी और उनके समर्थक नेताओं के साथ बैठक की। इस बैठक में चन्नी के साथ करीब 50 नेता शामिल हुए। वहीं प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग इस बैठक का हिस्सा नहीं बने।

बताया गया कि चन्नी समर्थकों की ओर से पहले ही यह शर्त रखी गई थी कि बैठक में प्रदेश अध्यक्ष मौजूद नहीं रहें। साथ ही यह भी आग्रह किया गया था कि चर्चा कांग्रेस भवन के बजाय किसी अन्य स्थान पर हो। इसके बाद बैठक कांग्रेस विधायक राणा गुरजीत के आवास पर आयोजित की गई।

प्रदेश अध्यक्ष को लेकर बना हुआ है विवाद

पंजाब कांग्रेस में मौजूदा विवाद की शुरुआत संगठन की नई जिम्मेदारियों की घोषणा के बाद हुई। पार्टी नेतृत्व ने एक जुलाई को नई सूची जारी करते हुए अमरिंदर सिंह राजा वडिंग को प्रदेश अध्यक्ष और चरणजीत सिंह चन्नी को अभियान समिति का अध्यक्ष बनाया था।

इस फैसले के बाद चन्नी समर्थकों ने आपत्ति जताई और प्रदेश नेतृत्व को लेकर सवाल (Punjab Congress) उठाए। उनका कहना था कि प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी चन्नी को दी जानी चाहिए।

शक्ति प्रदर्शन के बाद बढ़ी सियासी हलचल

नई नियुक्तियों के बाद चरणजीत सिंह चन्नी ने अपने समर्थक नेताओं के साथ अलग बैठक की थी। इसमें चार विधायक सहित करीब 50 नेता शामिल हुए थे। इसके जवाब में अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने भी अपने समर्थकों के साथ चर्चा की।

दोनों पक्षों के बीच बढ़ती बयानबाजी के बाद मामला पार्टी नेतृत्व तक पहुंचा। इसके बाद प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल को पंजाब भेजा गया ताकि दोनों गुटों के बीच बातचीत कर समाधान निकाला जा सके।

समाधान की उम्मीद बरकरार

हालांकि दोनों पक्षों के बीच मतभेद खुलकर सामने आए हैं, लेकिन पार्टी के भीतर यह उम्मीद जताई (Punjab Congress) जा रही है कि बातचीत के जरिए रास्ता निकलेगा। प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग भी पहले कह चुके हैं कि आपसी मतभेद जल्द दूर होने की संभावना है और संगठन को मजबूत करने की दिशा में प्रयास जारी रहेंगे।

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