Pune Murder CCTV Evidence : सगाई किसी और से, दिल किसी और के लिए धड़कता रहा, आखिर किले की सैर मौत की वजह कैसे बन गई
लोहागढ़ किले की वादियों में उस दिन सब कुछ सामान्य दिखाई दे (Pune Murder CCTV Evidence) रहा था। पर्यटकों की आवाजाही थी, लोग तस्वीरें ले रहे थे और ट्रेकिंग का आनंद उठा रहे थे। लेकिन इसी भीड़ के बीच कुछ ऐसा भी चल रहा था, जिसका अंदाजा वहां मौजूद किसी शख्स को नहीं था। बाद में सामने आए घटनाक्रम ने सभी को हैरान कर दिया।
घटना के बाद शुरुआत में इसे एक दर्दनाक हादसा माना गया, लेकिन जैसे जैसे जांच आगे बढ़ी, कई ऐसे तथ्य सामने आने लगे जिन्होंने पूरी कहानी की दिशा बदल दी। पुलिस की नजर एक ऐसे सुराग पर गई जिसने मौत के मामले को हत्या की जांच में बदल दिया।
किले के कैमरे में दिखी संदिग्ध गतिविधि Pune Murder CCTV Evidence
18 जून को किले के टिकट काउंटर के पास लगे कैमरों की फुटेज खंगालने के दौरान पुलिस को एक युवक दिखाई दिया जो केतन अग्रवाल और उनकी मंगेतर सिया गोयल के पीछे चलता नजर आया। कुछ घंटे बाद केतन की मौत हो गई।
जांच अधिकारियों को उस युवक का व्यवहार असामान्य लगा। वह अपना चेहरा छिपाने की कोशिश कर रहा था और लगातार दूरी बनाकर पीछे चल रहा था। बाद में उसकी पहचान चेतन चौधरी के रूप में हुई।
गर्म मौसम में हुडी पहनने पर बढ़ा संदेह
फुटेज में दिखाई दिया कि युवक ने शॉर्ट्स के साथ हुडी पहन रखी थी। उसका चेहरा लगभग पूरी तरह ढका हुआ था और सिर पर हेडसेट भी था। पुलिस ने घटना वाले दिन के मौसम की जानकारी जुटाई तो पता चला कि उस समय तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस था। ऐसे मौसम में इस तरह चेहरा ढककर घूमना जांचकर्ताओं के लिए बड़ा संकेत बन गया और संदेह गहराने लगा।
तकनीकी जांच से खुली कई परतें
मामले की जांच के दौरान यह भी पता चला कि चेतन अपना मोबाइल फोन दुकान पर छोड़कर (Pune Murder CCTV Evidence) गया था। इतना ही नहीं, उसने इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर रखी थीं।
दूसरी ओर सिया के कॉल रिकॉर्ड की जांच में सामने आया कि उसकी चेतन से लगातार बातचीत होती थी। दोनों के बीच बड़ी संख्या में फोन कॉल और लंबे समय तक बातचीत के रिकॉर्ड मिले। इससे पुलिस को उनके बीच करीबी संबंध होने का संदेह मजबूत हुआ।
प्रेम संबंध और साजिश का शक
जांच में जुटी टीम को सोशल मीडिया गतिविधियों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों से भी दोनों के रिश्ते की जानकारी मिली। पुलिस को संदेह हुआ कि सिया चेतन के साथ संबंध में थी और केतन के साथ शादी को लेकर सहज नहीं थी।
पूछताछ के दौरान सामने आया कि परिवार की प्रतिष्ठा और सामाजिक दबाव के कारण सगाई तोड़ने या घर से भागने का रास्ता नहीं चुना गया। इसी वजह से कथित रूप से एक अलग योजना बनाई गई।
ऐसे आगे बढ़ी पूरी जांच
पुलिस के अनुसार 18 जून को सिया का समूह लोहागढ़ किले पहुंचा था। चेतन उस समूह का हिस्सा नहीं था, लेकिन बाद में वह वहां पहुंचा। जांच में यह भी सामने आया कि जिन लोगों ने उस दिन चेतन को फोन किया था, उन्हें उसकी जगह दुकान के कर्मचारियों ने जवाब दिया।
आरोप है कि किले के एक गहरे हिस्से के पास पहुंचने के बाद केतन को खाई की ओर धक्का दिया गया, जिससे वह करीब 400 फीट नीचे जा गिरा। घटना के बाद सिया ने पुलिस को सूचना देते हुए इसे हादसा बताया और कहा कि फोटो लेते समय केतन का संतुलन बिगड़ गया था।
अगले दिन बचाव दल ने कठिन अभियान चलाकर शव बरामद किया। बाद में परिजनों और करीबी लोगों से पूछताछ के दौरान कई नई जानकारियां सामने आईं, जिनसे जांच की दिशा बदलती चली गई।
पहले भी किले जाने की कोशिश की बात
परिवार के सदस्यों ने पुलिस को बताया कि सिया कई बार केतन से लोहागढ़ किला चलने की बात कह चुकी (Pune Murder CCTV Evidence) थी। जांच में यह भी सामने आया कि इससे पहले भी वहां जाने की योजना बनी थी।
पुलिस को पूछताछ के दौरान कुछ ऐसे दावे भी मिले जिनमें कहा गया कि घटना से कुछ दिन पहले भी एक संदिग्ध परिस्थिति बनी थी, लेकिन उस समय मामला गंभीर रूप नहीं ले सका। इन्हीं जानकारियों के आधार पर जांच आगे बढ़ी और बाद में हत्या की साजिश का आरोप सामने आया।



