Furniture Scam : 15 साल पुराने फर्नीचर घोटाले में फिर तेज हुई जांच, एसीबी ने दफ्तर पहुंचकर जब्त किए अहम दस्तावेज
लंबे समय से सुर्खियों में रहे फर्नीचर खरीदी मामले में अब जांच एजेंसियों की गतिविधियां तेज (Furniture Scam) हो गई हैं। वर्षों पुराने इस मामले में दस्तावेजों की तलाश और रिकॉर्ड के सत्यापन का काम नए सिरे से शुरू किया गया है। जांच एजेंसी की हालिया कार्रवाई ने एक बार फिर इस पूरे प्रकरण को चर्चा में ला दिया है।
बताया जा रहा है कि जरूरी रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराए जाने के कारण जांच टीम को सीधे संबंधित कार्यालय पहुंचना पड़ा। वहां से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और रिकॉर्ड अपने कब्जे में लिए गए हैं, जिनकी अब विस्तार से जांच की जाएगी।
एसीबी की टीम ने की दस्तावेजी कार्रवाई Furniture Scam
अंबिकापुर स्थित कलेक्टोरेट कंपोजिट बिल्डिंग में संचालित राजीव गांधी शिक्षा मिशन कार्यालय में बुधवार को एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम पहुंची। डीएसपी प्रमोद कुमार खेस के नेतृत्व में पहुंची टीम ने फर्नीचर खरीदी और भुगतान से जुड़े कई दस्तावेज जब्त किए। जांच के दौरान कागजी रिकॉर्ड के साथ डिजिटल दस्तावेजों की भी पड़ताल की गई।
पहले ईओडब्ल्यू कर रही थी जांच
फर्नीचर खरीदी से जुड़ा यह मामला पहले आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो के पास था। अब इस प्रकरण की जांच एंटी करप्शन ब्यूरो को सौंप दी गई है, जिसके बाद जांच प्रक्रिया में तेजी देखने को मिल रही है।
करोड़ों रुपये की हुई थी खरीदी
वर्ष 2011-12 में अविभाजित सरगुजा जिले में राजीव गांधी शिक्षा मिशन के माध्यम से बड़े पैमाने पर फर्नीचर खरीदा गया था। करीब 12 अलग-अलग फर्मों से करोड़ों रुपये का सामान खरीदे जाने का दावा किया गया था। बाद में इस पूरी प्रक्रिया में वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतें सामने आईं।
जांच में सामने आई थीं गड़बड़ियां
शिकायतों की जांच में यह तथ्य सामने आया था कि कई स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों तक फर्नीचर पहुंचा ही नहीं था। इसके बावजूद संबंधित फर्मों को भुगतान कर दिया गया। कई जगहों पर रिकॉर्ड में दर्शाई गई संख्या और वास्तविक आपूर्ति में भी बड़ा अंतर पाया गया था।
दबाव में कराए गए थे हस्ताक्षर
जांच रिपोर्ट में यह भी सामने आया था कि कुछ संस्थानों के जिम्मेदार लोगों से दबाव बनाकर प्राप्ति रसीदों पर हस्ताक्षर कराए गए थे। कई मामलों में कम सामान पहुंचने के बावजूद पूर्ण आपूर्ति दर्शाकर भुगतान जारी किया गया था।
अधिकारियों और फर्मों पर दर्ज है मामला
इस प्रकरण में तत्कालीन अधिकारियों और संबंधित फर्मों से जुड़े लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, साजिश और भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत प्राथमिकी दर्ज (Furniture Scam) की गई थी। बताया जा रहा है कि लगभग आधा दर्जन अधिकारियों और 12 फर्मों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी।
अब रिकॉर्ड का होगा मिलान
एसीबी अधिकारियों के अनुसार जब्त किए गए दस्तावेजों की विस्तृत जांच की जाएगी। भुगतान रिकॉर्ड, खरीदी आदेश, भंडार पंजी और स्कूलों से प्राप्त पावती दस्तावेजों का मिलान कर पूरे मामले की जांच आगे बढ़ाई (Furniture Scam) जाएगी।



