राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने युवाओं से किया राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान, कहा-सफलता को समाज सेवा से जोड़ें

रायपुर में नुआखाई जुहार पर सेवा सम्मान पर्व एवं युवा प्रबोधन कार्यक्रम आयोजित, रक्तदान महाकुंभ में 2,548 लोगों ने किया रक्तदान
रायपुर. राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने युवाओं से बड़े सपने देखने, निरंतर ज्ञान अर्जित करने और अपनी सफलता को समाज एवं राष्ट्र की सेवा से जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवाओं के व्यक्तिगत प्रयास जब सामूहिक और राष्ट्रीय लक्ष्यों से जुड़ेंगे, तभी देश की प्रगति को नई गति मिलेगी। राष्ट्रपति गुरुवार को राजधानी रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में नुआखाई जुहार के अवसर पर आयोजित ‘सेवा सम्मान पर्व एवं युवा प्रबोधन’ कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं। कार्यक्रम में राज्यपाल श्री रमेन डेका और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय सहित अनेक जनप्रतिनिधि, युवा एवं महिलाएं उपस्थित रहे।
राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने नुआखाई की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व केवल सांस्कृतिक उत्सव नहीं, बल्कि हमारी परंपराओं, सामाजिक एकता और आपसी सद्भाव का प्रतीक है। यह पर्व कृषि संस्कृति के महत्व को रेखांकित करने के साथ प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर भी प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि अन्न किसानों के परिश्रम, धरती की उदारता और प्रकृति के अनमोल उपहार का प्रतीक है। अन्न का सम्मान करना, किसानों के योगदान को स्वीकार करना और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करना हम सभी का सामूहिक दायित्व है।

ज्ञान, नैतिकता और सेवा भाव को जीवन का आधार बनाएं युवा
राष्ट्रपति ने युवाओं से सीखने की प्रक्रिया निरंतर जारी रखने, पुस्तकें पढ़ने, प्रश्न पूछने तथा अपने ज्ञान और कौशल को विकसित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सफलता और असफलता जीवन का हिस्सा हैं। असफलताओं से निराश होने के बजाय उनसे सीखकर आगे बढ़ना चाहिए। युवाओं को ज्ञान के साथ विनम्रता, महत्वाकांक्षा के साथ नैतिकता और सफलता के साथ सेवा भाव को जोड़ना चाहिए।
उन्होंने कहा कि वास्तविक उपलब्धि तभी सार्थक होती है, जब हमारा ज्ञान जरूरतमंदों के काम आए, हमारी प्रतिभा समस्याओं का समाधान करे और हमारी सफलता समाज में सकारात्मक बदलाव लाए। राष्ट्र का निर्माण केवल बड़े निर्णयों से नहीं, बल्कि करोड़ों नागरिकों के छोटे-छोटे ईमानदार प्रयासों से होता है। प्रत्येक युवा को अपने कार्य में ईमानदारी, निष्ठा और संवेदनशीलता बनाए रखनी चाहिए।
विकसित भारत के निर्माण में महिलाओं की समान भागीदारी जरूरी
राष्ट्रपति ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए महिलाओं की समान भागीदारी अनिवार्य है। देश की आधी आबादी को आगे बढ़ने के समान अवसर दिए बिना राष्ट्र अपनी पूरी क्षमता के साथ प्रगति नहीं कर सकता। उन्होंने महिलाओं से सामाजिक और राष्ट्रीय कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
उन्होंने युवाओं और पुरुषों से आग्रह किया कि वे अपनी बहनों और बेटियों को ऐसा वातावरण उपलब्ध कराएं, जहां वे बिना किसी बाधा के अपने सपनों को साकार कर सकें। महिलाओं के प्रति सम्मान केवल शब्दों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि हमारी सोच, व्यवहार और दैनिक जीवन में भी दिखाई देना चाहिए।
नक्सलवाद से मुक्त होकर विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहे युवा
छत्तीसगढ़ में हो रहे सकारात्मक बदलावों का उल्लेख करते हुए राष्ट्रपति ने प्रसन्नता व्यक्त की कि केंद्र और राज्य सरकारों के प्रयासों तथा युवाओं की दृढ़ इच्छाशक्ति से प्रदेश के युवा नक्सलवाद के भटकाव से निकलकर मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जहां कभी आतंक का अंधेरा था, वहां आज विकास का उजियारा फैल रहा है। इस परिवर्तन से युवाओं और उनके परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रहा है तथा छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश के विकास को गति मिल रही है।
नुआखाई सामाजिक एकता और सेवा भावना का पर्व : राज्यपाल
राज्यपाल रमेन डेका ने प्रदेशवासियों को नुआखाई जुहार की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व नई फसल के स्वागत, धरती माता के प्रति कृतज्ञता और किसानों के परिश्रम के सम्मान का उत्सव है। यह हमारी कृषि संस्कृति, सामाजिक एकता और आपसी सहयोग की परंपरा को मजबूत करता है।
उन्होंने राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु की उपस्थिति को प्रदेश के लिए प्रेरणा का अवसर बताते हुए कहा कि उनका संघर्ष, सादगी, समर्पण और सेवाभाव सभी के लिए प्रेरणादायक है। राज्यपाल ने युवाओं से नशे और भटकाव से दूर रहकर ज्ञान, कौशल एवं नवाचार के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की अपील की। उन्होंने रक्तदाताओं, विशेषकर महिला रक्तदाताओं की सराहना करते हुए रक्तदान को मानवता की महान सेवा बताया।
राष्ट्रपति का जीवन बेटियों और युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत : मुख्यमंत्री साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता की ओर से स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति का जीवन संघर्ष, सादगी, सेवा, शिक्षा और दृढ़ संकल्प की प्रेरणादायक मिसाल है। ओडिशा के एक छोटे से गांव से देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचने की उनकी यात्रा देश की बेटियों, युवाओं तथा जनजातीय और ग्रामीण अंचलों के लोगों के लिए प्रेरणास्रोत है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच सदियों पुराने सामाजिक एवं सांस्कृतिक संबंध हैं। ओड़िया समाज ने अपनी मेहनत, सादगी और सेवाभाव से छत्तीसगढ़ के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। नुआखाई के अवसर पर सेवा सम्मान और युवा प्रबोधन का आयोजन सांस्कृतिक परंपराओं को समाज सेवा एवं युवा सशक्तीकरण से जोड़ने की महत्वपूर्ण पहल है।
शिक्षा, कौशल और रोजगार के अवसरों का हो रहा विस्तार
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में युवाओं की निर्णायक भूमिका होगी। राज्य सरकार विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में युवा शक्ति को केंद्र में रखकर शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास, नवाचार और उद्यमिता के अवसर बढ़ा रही है।
उन्होंने बताया कि चिकित्सा शिक्षा के विस्तार के लिए गीदम, कुनकुरी, जांजगीर-चांपा, मनेन्द्रगढ़ और कवर्धा में पांच नए मेडिकल कॉलेज शुरू किए गए हैं। नवा रायपुर में नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की स्थापना की जा रही है, जहां प्रतिवर्ष लगभग चार हजार युवाओं को आधुनिक तकनीक और व्यावसायिक प्रशिक्षण मिलेगा। छत्तीसगढ़ राज्य एआई मिशन के माध्यम से छह लाख विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रशिक्षण देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई औद्योगिक नीति के माध्यम से रोजगार और उद्यमशीलता को प्रोत्साहित किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति के तहत युवाओं के नवाचारों को बढ़ावा देने के लिए 100 करोड़ रुपये का स्टार्टअप फंड बनाया गया है। इसके अलावा फॉरेंसिक यूनिवर्सिटी कैंपस, निफ्ट और नाइलिट जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों की स्थापना की दिशा में भी पहल की गई है।
उन्होंने बताया कि चार वर्ष की सैन्य सेवा पूरी करने वाले छत्तीसगढ़ के अग्निवीरों को पुलिस आरक्षक, वनरक्षक और जेल प्रहरी की सीधी भर्ती में 10 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय लिया गया है। राज्य सरकार का उद्देश्य प्रत्येक युवा को आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराना है, ताकि उनकी प्रतिभा और क्षमता विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में उपयोगी साबित हो सके।
रक्तदान महाकुंभ में 2,548 लोगों ने किया रक्तदान, 1,188 महिलाएं शामिल
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित रक्तदान महाकुंभ में 2,548 लोगों ने स्वेच्छा से रक्तदान किया। इनमें 1,188 महिलाएं भी शामिल रहीं। मुख्यमंत्री श्री साय ने रक्तदाताओं का अभिनंदन करते हुए कहा कि रक्तदान मानवता की महान सेवा है। इतनी बड़ी संख्या में लोगों की सहभागिता छत्तीसगढ़ की सेवा भावना, सामाजिक प्रतिबद्धता और नारी शक्ति का उत्कृष्ट उदाहरण है।
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री अरुण साव एवं श्री विजय शर्मा, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, विधायक पुरंदर मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।



