देश

NEET UG : नीट परीक्षा पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, दोबारा परीक्षा को चुनौती देने वाली याचिका खारिज

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा को लेकर दाखिल एक अहम याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को अपना फैसला सुना दिया। अदालत ने साफ कर दिया कि अब इस मामले में आगे सुनवाई की जरूरत नहीं है, क्योंकि जिस मुद्दे को चुनौती दी गई थी, वह अब बीत चुका है।

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद नीट परीक्षा को लेकर चल रही एक कानूनी बहस पर फिलहाल विराम लग गया है। हालांकि अदालत ने यह भी संकेत दिया कि परीक्षा प्रणाली में सुधार से जुड़े मुद्दों को अलग कानूनी प्रक्रिया के जरिए उठाया जा सकता है।

दोबारा परीक्षा पर सुनवाई से किया इनकार

सुप्रीम कोर्ट ने NEET UG 2026 की दोबारा परीक्षा कराने के राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका को निष्प्रभावी मानते हुए खारिज कर दिया। सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि दोबारा परीक्षा पहले ही आयोजित की जा चुकी है। ऐसे में अब इस याचिका पर फैसला देने का कोई औचित्य नहीं बचता।

सुधार से जुड़ी मांग पर दी यह सलाह

याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि याचिका में केवल दोबारा परीक्षा का विरोध नहीं किया गया था, बल्कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी में संस्थागत सुधारों की मांग भी शामिल थी।

इस पर सुप्रीम कोर्ट ने मौखिक रूप से कहा कि यदि परीक्षा प्रणाली में सुधार से जुड़े मुद्दे उठाने हैं तो याचिकाकर्ता इस विषय से संबंधित पहले से लंबित मामलों में हस्तक्षेप आवेदन दाखिल कर सकते हैं।

पेपर लीक के बाद हुई थी दोबारा परीक्षा

याचिका स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय की पूर्व सहायक महानिदेशक डॉ. मंगला कोहली की ओर से दायर की गई थी। याचिका में 3 मई 2026 को हुई नीट परीक्षा को पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द कर 21 जून को दोबारा परीक्षा कराने के निर्णय को चुनौती दी गई थी।

याचिका में क्या था तर्क

याचिकाकर्ता का कहना था कि कथित गड़बड़ियां कुछ चुनिंदा व्यक्तियों, परीक्षा केंद्रों और गिरोहों तक सीमित थीं। ऐसे में पूरे देश के लाखों अभ्यर्थियों से दोबारा परीक्षा कराना उचित नहीं था।

याचिका में यह भी मांग की गई थी कि भविष्य में राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए डिजिटल प्रश्नपत्र प्रणाली, बायोमीट्रिक सत्यापन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित निगरानी, कंप्यूटर आधारित परीक्षा व्यवस्था और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की कार्यप्रणाली की समीक्षा के लिए स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति गठित की जाए।

Related Articles

Back to top button