छत्तीसगढ़

Narayanpur Maoist Arms Dump : जंगल उगल रहे माओवादियों के राज, हथियारों का जखीरा और 24 लाख नकद बरामद

बस्तर में माओवादी हिंसा कमजोर पड़ने के बाद सुरक्षा बल अब जंगलों में वर्षों पहले छिपाकर रखे गए हथियारों और आर्थिक संसाधनों को लगातार खोज रहे हैं। इसी कड़ी में (Narayanpur Maoist Arms Dump) अभियान के तहत नारायणपुर पुलिस और संयुक्त सुरक्षा बलों ने दो अलग-अलग सर्च ऑपरेशन में बड़ी सफलता हासिल की है। थाना ओरछा क्षेत्र के टेकला जंगल-पहाड़ी से माओवादियों का हथियार डंप बरामद किया गया, जबकि थाना छोटेडोंगर क्षेत्र के तोयामेटा जंगल-पहाड़ी से 24 लाख रुपये नकद जब्त किए गए। अधिकारियों का कहना है कि लगातार चल रहे एरिया डोमिनेशन और सर्च अभियान के कारण अब पुराने डंप एक-एक कर सामने आ रहे हैं।

हथियारों के जखीरे में रायफल, कारतूस और संचार उपकरण बरामद

पुलिस के अनुसार विश्वसनीय सूचना के आधार पर टेकला जंगल-पहाड़ी में चलाए गए अभियान के दौरान (Narayanpur Maoist Arms Dump) में भारी मात्रा में हथियार और अन्य सामग्री बरामद हुई। सुरक्षा बलों ने मौके से एक इंसास रायफल, दो एसएलआर रायफल, दो .303 रायफल, दो 30-ओसी बंदूक, एक बीजीएल लांचर, एक सिंगल शॉट बंदूक, 19 मैगजीन, 263 से अधिक जिंदा कारतूस, तीन डेटोनेटर, दो बायोफेंग स्कैनर सहित बड़ी मात्रा में संचार उपकरण और अन्य नक्सली सामग्री जब्त की। अधिकारियों के अनुसार यह जखीरा लंबे समय से जंगल में छिपाकर रखा गया था।

तोयामेटा जंगल से 24 लाख रुपये नकद भी बरामद

दूसरी कार्रवाई में 25 जून को थाना छोटेडोंगर क्षेत्र के तोयामेटा जंगल-पहाड़ी में चलाए गए अभियान के दौरान (Narayanpur Maoist Arms Dump) के तहत माओवादियों द्वारा छिपाकर रखी गई 24 लाख रुपये की नकद राशि बरामद की गई। पुलिस का कहना है कि इस रकम का उपयोग संगठन की गतिविधियों, रसद व्यवस्था और कैडरों की जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जाना था। सुरक्षा एजेंसियां इस राशि के स्रोत और इसके उपयोग से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही हैं।

माओवादी नेटवर्क कमजोर पड़ने से लगातार मिल रहे पुराने डंप

सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक शीर्ष माओवादी कैडरों के मारे जाने, आत्मसमर्पण करने और स्थानीय स्तर पर लगातार मिल रही सूचनाओं के कारण (Narayanpur Maoist Arms Dump) जैसे पुराने गुप्त ठिकाने अब सामने आ रहे हैं। इसी रणनीति के तहत सुरक्षा बल जंगलों में वर्षों पहले छिपाकर रखे गए हथियार, विस्फोटक, संचार उपकरण और आर्थिक संसाधनों की व्यवस्थित खोज कर रहे हैं। लगातार हो रही बरामदगी से माओवादी संगठन की भविष्य की गतिविधियों के लिए तैयार किया गया रसद तंत्र लगातार कमजोर हो रहा है।

पहले भी करोड़ों की नकदी और अत्याधुनिक हथियार हो चुके हैं बरामद

पिछले छह-सात महीनों में नारायणपुर और अबूझमाड़ क्षेत्र में (Narayanpur Maoist Arms Dump) अभियान के दौरान कई बड़े डंप सामने आए हैं। मई 2026 में संयुक्त सुरक्षा बलों ने 1.01 करोड़ रुपये से अधिक नकद, तीन एके-47, एसएलआर, इंसास रायफलें, बीजीएल, बड़ी मात्रा में कारतूस और विस्फोटक सामग्री बरामद की थी। वहीं मार्च 2026 में बस्तर संभाग में चलाए गए अभियानों के दौरान 3.61 करोड़ रुपये नकद, करीब एक किलो सोना तथा बड़ी मात्रा में हथियार और अन्य सामग्री जब्त की गई थी। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि अब अभियान केवल सक्रिय माओवादी दस्तों तक सीमित नहीं है, बल्कि जंगलों में छिपाए गए हथियारों और आर्थिक संसाधनों को पूरी तरह समाप्त करने पर भी विशेष फोकस किया जा रहा है।

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