छत्तीसगढ़

Mobile Tower : अबूझ पहाड़ियों के बीच आखिर क्या बदला, पहली बार गांव में सुनाई दी मोबाइल की घंटी

अबूझमाड़ के अंदर बसे ताहकाडोंड गांव में इन दिनों अलग ही उत्साह दिखाई (Mobile Tower) दे रहा है। जिन लोगों ने सालों तक नेटवर्क के लिए पहाड़ों की चढ़ाई की, वे अब घर के आंगन में खड़े होकर अपने रिश्तेदारों से बात कर रहे हैं। गांव में पहली बार मोबाइल की घंटी बजते ही बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक के चेहरे खिल उठे।

ग्रामीणों के बीच पूरे दिन इसी बदलाव की चर्चा चलती रही। कुछ लोग वीडियो कॉल दिखाते नजर आए तो कई बुजुर्गों ने इसे गांव के लिए नया दौर बताया। लंबे समय तक बाहरी दुनिया से कटे रहने वाला यह इलाका अब धीरे धीरे डिजिटल दुनिया से जुड़ने लगा है।

दूर जंगलों तक पहुंचा नेटवर्क (Mobile Tower)

नारायणपुर जिले के ओरछा विकासखंड के सुदूर वनांचल गांव ताहकाडोंड में मोबाइल टावर स्थापित किया गया है। इसके साथ ही यहां वर्षों से चला आ रहा संचार का सन्नाटा टूट गया है।

अब ग्रामीणों को फोन करने के लिए पहाड़ियों पर चढ़ने या कई किलोमीटर दूर सड़क तक जाने की जरूरत नहीं पड़ रही है। गांव में ही नेटवर्क मिलने से लोगों को बड़ी राहत मिली है।

कई गांवों को मिला सीधा फायदा Mobile Tower

ग्राम पंचायत मेटानार के आश्रित गांव ताहकाडोंड के साथ कदेर और ब्रेहबेड़ा जैसे इलाकों के लोग भी इस सुविधा से लाभान्वित हो रहे हैं। करीब 400 ग्रामीण अब सीधे मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट सेवा से जुड़ चुके हैं। इससे रोजमर्रा की परेशानियां काफी कम होने की उम्मीद जताई जा रही है।

आपात स्थिति में मिलेगी तुरंत मदद

मोबाइल नेटवर्क शुरू होने के बाद अब ग्रामीण जरूरत पड़ने पर तुरंत 108 एंबुलेंस सेवा से संपर्क कर सकते हैं। स्वास्थ्य सेवाओं तक तेजी से पहुंच बनने से समय पर इलाज मिलने में मदद मिलेगी। इससे मातृ और शिशु स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं में भी राहत मिलने की उम्मीद है।

घर बैठे मिल रही डिजिटल सुविधाएं

इंटरनेट सुविधा मिलने के बाद ग्रामीण अब ऑनलाइन बैंकिंग और डिजिटल भुगतान जैसी सेवाओं का इस्तेमाल (Mobile Tower) कर पा रहे हैं। सरकारी योजनाओं की जानकारी और आवेदन प्रक्रिया भी अब गांव तक पहुंच रही है। इससे लोगों को दफ्तरों के चक्कर कम लगाने पड़ेंगे और योजनाओं का फायदा सीधे मिल सकेगा।

बदल रही गांव की तस्वीर

ग्रामीणों का कहना है कि मोबाइल नेटवर्क आने से बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य सुविधा और रोजगार से जुड़ी जानकारी तक पहुंच आसान होगी। स्थानीय उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने और युवाओं को नई जानकारी मिलने में भी यह सुविधा मददगार साबित हो सकती है। प्रशासन का मानना है कि अब दूरस्थ इलाकों तक भी विकास की रफ्तार पहुंचाई जाएगी।

Related Articles

Back to top button