छत्तीसगढ़

Rural Employment Scheme : सीएम साय की मौजूदगी में 40 आईटी कंपनियों से एमओयू, चिटफंड के 4601 निवेशकों को 7.38 करोड़ लौटाए

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में राज्य में निवेश और रोजगार को लेकर अहम (Rural Employment Scheme) पहल की गई। इस दौरान 40 आईटी कंपनियों और आईटी निदेशकों के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर हुए, वहीं यस चिट फंड कंपनी के हजारों निवेशकों को उनकी जमा राशि लौटाई गई।

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यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आयोजित छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण की बैठक के दौरान हुआ। बैठक में मुख्यमंत्री साय ने विकसित भारत – गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी जीरामजी योजना को ग्रामीण क्षेत्रों के लिए क्रांतिकारी बताया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भारत सरकार द्वारा शुरू की (Rural Employment Scheme) गई यह नई ग्रामीण रोजगार योजना मनरेगा के स्थान पर लागू की गई है। इसके तहत ग्रामीण परिवारों को साल में 125 दिनों का रोजगार मिलेगा, जो पहले 100 दिन था। काम नहीं मिलने की स्थिति में बेरोजगारी भत्ता देने का प्रावधान रखा गया है। मजदूरी का भुगतान एक सप्ताह के भीतर किया जाएगा, जबकि 15 दिन से अधिक देरी होने पर 0.05 प्रतिशत ब्याज भी दिया जाएगा। योजना की तैयारी और क्रियान्वयन की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों को सौंपी गई है।

भारत सरकार ने जीरामजी योजना के लिए वर्ष 2026-27 में 95,692.31 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया है, जबकि इससे पहले मनरेगा के लिए 88,000 करोड़ रुपये निर्धारित थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और जरूरतमंदों को अपने गांव में ही रोजगार के अवसर मिलेंगे।

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इसी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री साय की मौजूदगी में 40 आईटी कंपनियों के साथ एमओयू (Rural Employment Scheme) किए गए। इसके साथ ही यस चिट फंड कंपनी के कुल 4601 निवेशकों को 7 करोड़ 38 लाख 24 हजार 100 रुपये की राशि के चेक प्रदान किए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार निवेशकों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी इस दिशा में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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