Iran Israel : ईरान ने अमेरिका को क्यों दी खुली चेतावनी, इजरायल पर कही ऐसी बात जिससे फिर बढ़ा तनाव
मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव बढ़ता दिखाई दे (Iran Israel) रहा है। हाल के दिनों में लगातार आ रहे बयानों ने क्षेत्र की राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। ईरान और इजरायल के बीच बयानबाजी अब ऐसे मोड़ पर पहुंच गई है, जहां अमेरिका की भूमिका को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। इसी बीच शांति वार्ता को लेकर भी नई चर्चाएं सामने आई हैं।
कूटनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में हालात किस दिशा में जाएंगे, यह बातचीत और दोनों पक्षों के अगले कदम पर निर्भर करेगा। फिलहाल ईरान ने अपने नेतृत्व को लेकर दिए गए बयानों पर कड़ा रुख अपनाते हुए अमेरिका को भी स्पष्ट संदेश दिया है।
इजरायल के बयान पर ईरान की तीखी प्रतिक्रिया Iran Israel
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज़ के उस बयान की कड़ी आलोचना की, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता को लेकर विवादित टिप्पणी की गई थी। अराघची ने कहा कि ईरान अपने नेतृत्व और जनता के खिलाफ किसी भी तरह की धमकी का तत्काल और मजबूत जवाब देगा।
उन्होंने अमेरिका को भी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि तेल अवीव को नियंत्रित नहीं किया गया तो इसके परिणाम गंभीर हो सकते हैं। उनका दावा था कि पहले हुए समझौते की शर्तें स्पष्ट हैं और सभी पक्षों को उनका पालन करना चाहिए।
परमाणु कार्यक्रम पर फिर छिड़ी बहस
इजरायल के रक्षा मंत्री ने कहा कि उनका देश ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने की अनुमति नहीं देगा। इसके जवाब में ईरान ने दोहराया कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है और वह लंबे समय से परमाणु हथियार बनाने के आरोपों को खारिज करता रहा है।
पूर्व इजरायली सेना प्रमुख ने उठाए सवाल
इजरायल के पूर्व सेना प्रमुख गादी आइज़ेनकोट ने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के पुराने दावों पर सवाल (Iran Israel) उठाए हैं। उनका कहना है कि ईरान की परमाणु क्षमता को लेकर जनता के सामने बढ़ा चढ़ाकर बातें पेश की गईं। उन्होंने दावा किया कि ईरान के पास परमाणु बम होने संबंधी बयान वास्तविक स्थिति से मेल नहीं खाते।
नेतन्याहू के पुराने बयान फिर चर्चा में
नेतन्याहू ने एक साक्षात्कार में कहा था कि उन्होंने इजरायल को ईरान के कथित परमाणु खतरे से बचाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए थे। हालांकि ईरान लगातार यह कहता रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम केवल शांतिपूर्ण उपयोग के लिए है और उसका उद्देश्य परमाणु हथियार बनाना नहीं है।
शांति वार्ता पर क्या है ताजा स्थिति
इस बीच कतर की राजधानी दोहा में अप्रत्यक्ष बातचीत का दौर जारी है। अमेरिकी प्रतिनिधियों की कतर के प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद ईरानी अधिकारी भी कतरी मध्यस्थों के साथ बातचीत में शामिल हैं।
अमेरिका का कहना है कि तकनीकी स्तर पर बातचीत जारी है। वहीं ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह प्रत्यक्ष वार्ता नहीं करेगा और फिलहाल चर्चा अंतरिम समझौते के क्रियान्वयन तथा रोकी गई धनराशि जारी करने जैसे मुद्दों पर केंद्रित है।
विशेषज्ञों का मानना है कि समझौते को लेकर ईरान के भीतर भी अलग अलग राय सामने (Iran Israel) आ रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि वार्ता आगे बढ़ती है या दोनों पक्षों के बीच तनाव और गहराता है।



