Tribal Welfare High Level Committee : आदिवासी हितों से जुड़े मामलों के निराकरण के लिए उच्च स्तरीय समिति गठित करने के निर्देश
छत्तीसगढ़ में आदिवासी समाज से जुड़े विभिन्न लंबित और महत्वपूर्ण मुद्दों के समाधान की दिशा में बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है। मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में निर्देश दिए गए कि आदिवासी हितों (Tribal Welfare High Level Committee) से जुड़े विषयों के समन्वित समाधान के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया जाए। साथ ही फर्जी जाति प्रमाण-पत्रों की जांच प्रक्रिया को और अधिक सुदृढ़ और पारदर्शी बनाने पर जोर दिया गया।
विभिन्न विभागों के समन्वय से बनेगी उच्च स्तरीय समिति
बैठक में निर्णय लिया गया कि आदिवासी हितों (Tribal Welfare High Level Committee) से जुड़े मामलों के प्रभावी अध्ययन और निराकरण के लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास, वन एवं जलवायु परिवर्तन, सामान्य प्रशासन, आदिम जाति एवं अनुसूचित जनजाति विकास तथा खनिज विभाग के सचिवों को शामिल कर एक समन्वित उच्च स्तरीय समिति गठित की जाएगी। इस समिति का उद्देश्य विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर नीतियों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना होगा।
फर्जी जाति प्रमाण-पत्रों पर सख्ती के निर्देश
बैठक में फर्जी जाति प्रमाण-पत्रों के आधार पर शासकीय सेवा में नियुक्ति या पदोन्नति प्राप्त करने वाले मामलों पर गंभीर चिंता जताई गई। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि Tribal Welfare High Level Committee के तहत इस प्रकार के मामलों की जांच प्रक्रिया को और मजबूत किया जाए तथा दोषियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
पेसा एक्ट और प्रशिक्षण पर विशेष फोकस
समीक्षा बैठक में अनुसूचित क्षेत्रों में पेसा एक्ट (PESA Act) 1996 और राज्य के पेसा नियम 2022 के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रशिक्षण को अनिवार्य रूप से मैदानी स्तर तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए, ताकि योजनाओं का सही लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके।
आदिवासी छात्रवृत्ति योजना में बदलाव के संकेत
बैठक में आदिवासी विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति योजनाओं को वर्तमान परिस्थितियों के अनुरूप संशोधित करने पर भी विचार किया गया। इस संबंध में केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि विद्यार्थियों को अधिक प्रभावी सहायता मिल सके।
वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी
इस बैठक में आदिम जाति विकास विभाग एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, सामान्य प्रशासन एवं उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।



