Illegal Fertilizer Transport : 240 बोरी जैविक खाद जब्त, अवैध उर्वरक परिवहन पर कृषि-पुलिस की संयुक्त कार्रवाई
छत्तीसगढ़ में किसानों को गुणवत्तापूर्ण कृषि आदान उपलब्ध कराने और अवैध उर्वरक कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन ने कार्रवाई तेज (Illegal Fertilizer Transport) कर दी है। इसी कड़ी में बलरामपुर जिले में कृषि एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने बिना वैध दस्तावेजों के परिवहन की जा रही 240 बोरी जैविक खाद से भरे एक ट्रक को जब्त किया है। मामले में उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 के तहत वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। खाद के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
सूचना मिलते ही पुलिस ने रोका ट्रक Illegal Fertilizer Transport
जानकारी के अनुसार 8 जुलाई को बसंतपुर थाना पुलिस को अवैध उर्वरक परिवहन की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर वाहन क्रमांक CG-04 PU-5217 को रोककर जांच की गई। पूछताछ के दौरान चालक जैविक खाद के परिवहन से जुड़े कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद पुलिस ने ट्रक को अपने कब्जे में लेकर कृषि विभाग को मामले की सूचना दी।
240 बोरी जैविक खाद मिली, नमूने जांच के लिए भेजे
कृषि विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर वाहन का निरीक्षण किया। जांच में ट्रक से 240 बोरी जैविक खाद बरामद हुई। नियमानुसार खाद के नमूने लेकर परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि जैविक खाद उत्तर प्रदेश के गोरखपुर स्थित हरियाली एग्रो द्वारा निर्मित है, जिस पर निर्माण माह मई 2026 अंकित है। कृषि और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने ट्रक को जब्त कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
उर्वरक नियंत्रण आदेश के तहत होगी कार्रवाई
उप संचालक कृषि ने बताया कि पूरे मामले में उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 एवं प्रचलित नियमों के तहत कार्रवाई की जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी (Illegal Fertilizer Transport) की जाएगी। यदि खाद की गुणवत्ता या दस्तावेजों में किसी प्रकार की गड़बड़ी पाई जाती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अवैध कारोबार पर जारी रहेगा अभियान
कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों को प्रमाणित और गुणवत्तापूर्ण कृषि आदान उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से जिले में उर्वरकों के परिवहन और विक्रय की लगातार जांच की जा रही है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि किसानों के हितों से खिलवाड़ करने वाले और अवैध उर्वरक कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।



