छत्तीसगढ़

Honey Badger : छत्तीसगढ़ के जंगलों में दिखा ‘निडर योद्धा’ हनी बैजर, शेर-सांप भी जिससे रखते हैं दूरी

राज्य की समृद्ध जैव विविधता में एक और दुर्लभ अध्याय जुड़ (Honey Badger) गया है। मरवाही वनमंडल के अंतर्गत मरवाही रेंज के उसाड़ गांव क्षेत्र में बेहद दुर्लभ वन्यजीव हनी बैजर (रैटल) का जोड़ा देखे जाने की पुष्टि हुई है। ग्रामीणों द्वारा मोबाइल से बनाए गए फोटो और वीडियो के आधार पर वन विभाग ने इस दुर्लभ प्रजाति की मौजूदगी को सत्यापित किया है, जिससे क्षेत्र में उत्साह का माहौल है।

हनी बैजर भारत में बेहद सीमित इलाकों में पाया जाता है और इसे दुर्लभ प्रजातियों की श्रेणी में रखा गया है। मधुमक्खियों के छत्तों से शहद निकालकर खाने की आदत के कारण इसे हनी बैजर कहा जाता है। यह जीव अपनी असाधारण बहादुरी, मजबूत त्वचा और आक्रामक स्वभाव के लिए जाना जाता है।

जंगलों की सेहत का संकेत

मरवाही क्षेत्र में हनी बैजर का दिखना इस बात का संकेत माना (Honey Badger) जा रहा है कि यहां का पारिस्थितिकी तंत्र लगातार मजबूत हो रहा है। वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे दुर्लभ जीव केवल उन्हीं क्षेत्रों में दिखाई देते हैं, जहां प्राकृतिक आवास सुरक्षित और संतुलित हो।

संरक्षण प्रयासों का दिखा असर

उल्लेखनीय है कि वन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन और प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) अरुण कुमार पाण्डे के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में वन्यजीव संरक्षण को लेकर लगातार योजनाबद्ध प्रयास किए जा रहे हैं। इन्हीं प्रयासों के चलते दुर्लभ वन्यजीवों को सुरक्षित प्राकृतिक आवास मिल पा रहा है।

सुरक्षित जंगल की ओर किया गया रवाना

हनी बैजर के जोड़े की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और पूरी सावधानी के साथ दोनों को सुरक्षित रूप से जंगल की ओर रवाना किया गया। इस दौरान किसी भी तरह की जनहानि या पशुहानि नहीं हुई। विभाग ने संबंधित क्षेत्र में निगरानी व्यवस्था और मजबूत कर दी है।

मरवाही वनमंडलाधिकारी ग्रीष्मी चांद ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे वन्यजीवों के नजदीक (Honey Badger) न जाएं और न ही उन्हें परेशान करें। किसी भी दुर्लभ जीव के दिखने पर तुरंत वन विभाग को सूचना देने की अपील भी की गई है।

क्यों इतना खतरनाक माना जाता है हनी बैजर

विशेषज्ञ बताते हैं कि हनी बैजर आकार में भले ही छोटा हो, लेकिन यह लड़ाई से कभी पीछे नहीं हटता। अपनी मोटी त्वचा और अद्भुत जीवन-रक्षा कौशल के कारण शेर, लकड़बग्घे और यहां तक कि जहरीले सांप भी इससे दूरी बनाए रखते हैं। यही वजह है कि इसे दुनिया के सबसे निडर जानवरों में गिना जाता है।

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