नए शिक्षा सत्र के बीच जब स्कूलों में प्रवेश, पाठ्यपुस्तक वितरण और शैक्षणिक व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने पर जोर दिया (Education Inspection) जा रहा है, उसी समय शिक्षा विभाग के एक महत्वपूर्ण कार्यालय की स्थिति ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अचानक हुए निरीक्षण में जो तस्वीर सामने आई, उसने विभागीय कार्यप्रणाली को लेकर चर्चा तेज कर दी है।
निरीक्षण के दौरान जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की अनुपस्थिति देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। इसके बाद तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए और अनुपस्थित कर्मचारियों से जवाब मांगा गया है।
जिला शिक्षा अधिकारी ने किया आकस्मिक निरीक्षण Education Inspection
जिला शिक्षा अधिकारी बलीराम बघेल ने विकासखंड शिक्षा कार्यालय बास्तानार और स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय किलेपाल का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण का उद्देश्य नए शिक्षा सत्र की तैयारियों, कार्यालयीन व्यवस्थाओं और विद्यालय संचालन की स्थिति का जायजा लेना था।
कार्यालय में मिले सिर्फ तीन कर्मचारी
निरीक्षण के दौरान विकासखंड शिक्षा कार्यालय बास्तानार में केवल एक लिपिक और दो भृत्य उपस्थित पाए गए। अन्य अधिकारी और कर्मचारी बिना किसी पूर्व सूचना के अनुपस्थित मिले। कार्यालय की स्थिति देखकर जिला शिक्षा अधिकारी ने नाराजगी जताई और अनुपस्थित कर्मचारियों के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
नए सत्र में बढ़ी चिंता
नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने के साथ ही विद्यार्थियों के प्रवेश, पाठ्यपुस्तकों के वितरण और विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों की निगरानी की जिम्मेदारी विभाग (Education Inspection) पर रहती है। ऐसे समय में विकासखंड शिक्षा कार्यालय में कर्मचारियों की अनुपस्थिति को गंभीर माना जा रहा है, क्योंकि इससे कई प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो सकते हैं।
ग्रामीणों ने उठाए सवाल
क्षेत्र के लोगों का कहना है कि यदि विकासखंड शिक्षा कार्यालय की यह स्थिति है तो दूरस्थ ग्रामीण विद्यालयों में शिक्षकों और कर्मचारियों की उपस्थिति का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। ग्रामीणों ने शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नियमित और आकस्मिक निरीक्षण बढ़ाने की मांग की है।
विद्यालयों की निगरानी बढ़ाने की मांग
लोगों का कहना है कि अनुपस्थित शिक्षकों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित (Education Inspection) न हो। उन्होंने प्रशासन से विद्यालयों में नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने की मांग की है, जिससे छात्रों को समय पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो सके।



