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Assam Flood Relief Package 2026: असम में बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत पैकेज लागू, 9 अगस्त से शुरू होगा आकलन

गुवाहाटी। असम में आई भीषण बाढ़ के बीच राज्य सरकार ने प्रभावित परिवारों के लिए घोषित राहत (Assam Flood Relief Package 2026) उपायों को तेजी से जमीन पर उतारना शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने स्पष्ट किया है कि सरकार जमीनी स्तर पर तुरंत मदद और पुनर्वास सहायता पहुंचा रही है, ताकि बाढ़ पीडि़तों को समय पर उनका हक मिल सके। प्रशासन के मुताबिक, राज्य के 15 जिलों में बाढ़ से 1.68 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। राहत और बचाव कार्यों के बीच सरकार ने नुकसानी के आकलन और वित्तीय सहायता को लेकर बड़ा अपडेट दिया है।
9 अगस्त से शुरू होगा नुकसान का आकलन
Assam Flood Relief Package 2026: सरकार की घोषणा के अनुसार, बाढ़ प्रभावित इलाकों में हुए नुकसान का विस्तृत आकलन 9 अगस्त से शुरू कर दिया जाएगा, जिससे सही और पात्र लाभार्थियों तक मदद पहुंचाई जा सके।
राहत पैकेज की मुख्य बातें:
- अंतरिम वित्तीय सहायता: हर पात्र परिवार को तत्काल जरूरतों को पूरा करने के लिए 15,000 रुपए की नकद सहायता दी जाएगी।
ओरुनोदोई योजना: इस योजना के लाभ को एक महीने के लिए बढ़ाकर 2,500 रुपए कर दिया गया है। वहीं, सबसे अधिक प्रभावित जिलों (शिवसागर और चराइदेव) के परिवारों को 10,000 रुपए की अतिरिक्त सहायता मिलेगी।
मृतकों के परिजनों को मुआवजा: बाढ़ में जान गंवाने वालों के परिजनों को बिना पोस्टमार्टम रिपोर्ट की जरूरत के 4 लाख रुपए की अनुग्रह राशि (Assam Flood Relief Package 2026) दी जाएगी। इसके अलावा, मुख्यमंत्री राहत कोष से 5 लाख रुपए की अतिरिक्त सहायता भी प्रदान की जाएगी। - कर्ज और बिलों में राहत: सरकार ने प्रभावित लोगों को लोन चुकाने पर छह महीने की मोहलत, लोन चुकाने की अवधि में बढ़ोतरी, तथा बिजली बिल और जमीन के लगान (खज़ाने) से पूरी छूट की घोषणा की है।
- बुनियादी ढांचा और धार्मिक स्थल: क्षतिग्रस्त आंगनवाड़ी केंद्रों और नामघरों के पुनर्निर्माण के लिए विशेष सहायता दी जाएगी, जिसमें प्रत्येक क्षतिग्रस्त नामघर के लिए 1.5 लाख रुपए तय किए गए हैं।
- छात्रों के लिए मदद: शिक्षा में आने वाली बाधा को कम करने के लिए प्रभावित छात्रों को पाठ्यपुस्तकें बदलने, स्कूल यूनिफॉर्म दोबारा उपलब्ध कराने और जरूरी सर्टिफिकेट्स की डुप्लिकेट कॉपी मुफ्त दी जाएगी। फिलहाल राज्य सरकार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में कैंपों और वितरण केंद्रों के जरिए राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी हुई है।



