Alderman Appointment : नगरीय निकायों में 700 से ज्यादा एल्डरमैन की नियुक्ति जल्द, सूची पर अंतिम मंथन

प्रदेश के नगरीय निकायों में मनोनीत पार्षदों की नियुक्ति को लेकर एक बार फिर चर्चाएं तेज (Alderman Appointment) हो गई हैं। लंबे समय से इस फैसले का इंतजार कर रहे नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच नई उम्मीद जगी है। राजनीतिक गलियारों में भी इस मुद्दे को लेकर लगातार चर्चा हो रही है और संभावित नामों को लेकर अटकलों का दौर शुरू हो गया है।
सरकार की ओर से मिले संकेतों के बाद कई जिलों में संगठन से जुड़े कार्यकर्ताओं की नजर अब आगामी फैसले पर टिकी हुई है। माना जा रहा है कि लंबे समय से लंबित यह प्रक्रिया अब जल्द पूरी हो सकती है।
नियुक्तियों को लेकर बढ़ी उम्मीद : Alderman Appointment
उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने संकेत दिए हैं कि मनोनयन की प्रक्रिया को लेकर तेजी से काम किया जा रहा है। उनके बयान के बाद यह चर्चा जोर पकड़ने लगी है कि जल्द ही सूची जारी की जा सकती है। लंबे समय से रुकी इस प्रक्रिया को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं में भी उत्साह देखा जा रहा है।
194 नगरीय निकायों में होगा मनोनयन
प्रदेश में वर्तमान समय में 194 नगरीय निकाय कार्यरत हैं। इनमें नगर निगम, नगर पालिका परिषद और नगर पंचायतें शामिल हैं। प्रावधानों के अनुसार विभिन्न निकायों में निर्धारित संख्या में एल्डरमैन नियुक्त किए (Alderman Appointment) जा सकते हैं। अनुमान है कि पूरे प्रदेश में 700 से अधिक मनोनयन किए जा सकते हैं।
कार्यकर्ताओं को लंबे समय से इंतजार
सरकार बनने के बाद से अब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। सामान्य तौर पर सरकार गठन के कुछ समय बाद ही मनोनयन कर दिया जाता है, लेकिन इस बार यह मामला काफी समय से लंबित है। इसी वजह से संगठन के कई कार्यकर्ता और पदाधिकारी नियुक्तियों का इंतजार कर रहे हैं।
पहले बड़े निकायों में हो सकती है घोषणा
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पहले चरण में नगर निगमों और प्रमुख नगर पालिकाओं के लिए नामों की घोषणा की जा सकती है। इसके बाद अन्य नगर पंचायतों और छोटे निकायों की सूची जारी होने की संभावना है। बताया जा रहा है कि संभावित नामों को लेकर विभागीय स्तर पर लगातार मंथन चल रहा है।
क्यों अहम माना जाता है यह पद
मनोनीत पार्षद परिषद की बैठकों में भाग लेते हैं और विभिन्न समितियों में जिम्मेदारियां (Alderman Appointment) भी निभाते हैं। स्थानीय विकास योजनाओं और प्रशासनिक मामलों में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है। यही कारण है कि इन नियुक्तियों को राजनीतिक और संगठनात्मक दृष्टि से काफी अहम माना जाता है।



