संपादकीय: वैभव सूर्यवंशी तेरा नाम रहेगा

Editorial: मात्र 15 साल की उम्र वाले वैभव सूर्यवंशी ने क्रिकेट जगत में वह कारनामा कर दिखाया, जिसे अंजाम देने के लिए धुरंधर क्रिकेटरों को कई साल लगते हैं। राजस्थान रॉयल्स की ओर से खेलते हुए वैभव सूर्यवंशी ने सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ ‘करो या मरोÓ के मुकाबले में जो धुआंधार पारी खेली, उसने सभी को चमत्कृत कर दिया।
वैभव सूर्यवंशी ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए मात्र 28 गेंदों में 97 रन ठोक डाले; दुर्भाग्य से वे 29वीं गेंद पर आउट हो गए, अन्यथा वे 30 गेंदों पर शतक बनाने का क्रिस गेल का वल्र्ड रिकॉर्ड तोड़ देते। फिर भी उन्होंने अपनी इस आतिशी पारी में 12 गगनचुंबी छक्के जड़कर क्रिस गेल का सर्वाधिक 60 छक्के लगाने का वल्र्ड रिकॉर्ड तोड़ दिया। वैभव सूर्यवंशी का आईपीएल में सर्वाधिक 65 छक्के का रिकॉर्ड कौन तोड़ पाएगा? प्लेऑफ में सबसे तेज 50 रन बनाने के रिकॉर्ड की उन्होंने बराबरी कर ली।
इस सत्र में सबसे ज्यादा 680 रन बनाने का भी कीर्तिमान रच दिया। वैभव सूर्यवंशी वाकई अद्भुत खिलाड़ी हैं और भारतीय क्रिकेट टीम का सुनहरा भविष्य हैं। इतनी कम उम्र में दुनिया के सर्वकालीन महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर भी ऐसी स्वर्णिम उपलब्धि हासिल नहीं कर पाए थे। टीम इंडिया को एक और आक्रामक बल्लेबाज मिलने जा रहा है, जो सिक्सर किंग कहलाएगा। उनके इस अभूतपूर्व प्रदर्शन को देखते हुए यही कहा जाना चाहिए कि जब तक सूरज चांद रहेगा, वैभव सूर्यवंशी तेरा नाम रहेगा।



