Village Connectivity : गांवों की तस्वीर बदलने की तैयारी, हजारों किलोमीटर सड़कों से जुड़ेगी नई उम्मीद

सीहोर जिले के भैरूंदा में रविवार को होने वाले बड़े कार्यक्रम को लेकर ग्रामीण इलाकों में खास उत्साह दिखाई दे रहा है। जिन गांवों में अब तक सड़क और आवाजाही सबसे बड़ी परेशानी बनी हुई थी, वहां लोग नई सड़कों को लेकर चर्चा करते नजर आ रहे हैं। प्रशासनिक अमला भी कार्यक्रम की तैयारियों में जुटा हुआ है। कई गांवों में लोगों को उम्मीद है कि अब सफर आसान होगा और शहरों तक पहुंचने में कम समय लगेगा।
भैरूंदा में होने वाले इस कार्यक्रम को लेकर आसपास के इलाकों में हलचल तेज हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि बेहतर सड़कें बनने से खेती, व्यापार, शिक्षा और इलाज जैसी सुविधाओं में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। खास बात यह है कि इस कार्यक्रम में कई राज्यों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की भी तैयारी है।
राज्य स्तरीय कार्यक्रम का होगा शुभारंभ : Village Connectivity
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान 10 मई को भैरूंदा में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और पीएम जनमन योजना के तहत राज्य स्तरीय कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे। कार्यक्रम में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ चंद्रशेखर पेम्मासानी और कमलेश पासवान सहित कई जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।
प्रदेश में बनेंगी 963 नई सड़कें
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना चतुर्थ चरण के तहत मध्यप्रदेश में 1763 करोड़ रुपये से ज्यादा की लागत से 2117 किलोमीटर लंबी 963 सड़कों का निर्माण किया (Village Connectivity) जाएगा। इन सड़कों के बनने से प्रदेश की 987 बसाहटों को बेहतर संपर्क सुविधा मिलने की उम्मीद है। ग्रामीण क्षेत्रों में आवाजाही आसान होने के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।
सीहोर जिले को मिलेगा बड़ा फायदा
योजना के तहत सीहोर जिले में 165 करोड़ रुपये की लागत से 209 किलोमीटर लंबी 81 नई सड़कें तैयार की जाएंगी। इन सड़कों से जिले की 84 बसाहटों को सीधा (Village Connectivity) लाभ मिलेगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई गांवों में बरसात के समय आवागमन सबसे बड़ी समस्या बन जाता है। नई सड़कें बनने के बाद यह परेशानी काफी हद तक कम हो सकती है।
गांवों तक पहुंचेगी बेहतर सुविधा
सरकारी अधिकारियों के मुताबिक ग्रामीण इलाकों को मजबूत सड़क संपर्क मिलने से विकास कार्यों को नई रफ्तार मिलेगी। किसान अपनी उपज आसानी से बाजार तक पहुंचा सकेंगे और लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंचने में भी सुविधा होगी। इसके अलावा छोटे व्यापार और स्थानीय परिवहन व्यवस्था को भी इसका लाभ मिलने की संभावना जताई जा रही है।
कई राज्यों के प्रतिनिधि होंगे शामिल
भैरूंदा में होने वाले इस कार्यक्रम में देश के कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि और अधिकारी शामिल (Village Connectivity) होंगे। इनमें हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, असम, गुजरात, बिहार, राजस्थान, तमिलनाडु, जम्मू कश्मीर, त्रिपुरा और अन्य राज्यों के अधिकारी शामिल बताए जा रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि कार्यक्रम को राज्य स्तर पर बड़े आयोजन के रूप में तैयार किया जा रहा है।



