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Strait of Hormuz : होर्मुज जलडमरूमध्य में फिर बढ़ा तनाव, टैंकरों पर हमले के बाद दुनिया भर में बढ़ी चिंता

मिडिल ईस्ट में एक बार फिर हालात तनावपूर्ण होते नजर आ रहे हैं। दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री रास्तों में गिने जाने वाले होर्मुज जलडमरूमध्य में देर रात भारी तनाव और गोलीबारी की खबरों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल बढ़ा दी है। ऊर्जा बाजार से लेकर वैश्विक राजनीति तक इस घटनाक्रम पर नजर रखी जा रही है।

इलाके में सैन्य गतिविधियां तेज होने के बाद कई देशों की चिंता बढ़ गई है। बताया जा रहा है कि समुद्री रास्ते पर हुई कार्रवाई के बाद दोनों देशों के बीच बयानबाजी भी तेज हो गई है, जिससे हालात और ज्यादा गंभीर दिखाई दे रहे हैं।

दो टैंकरों पर कार्रवाई का दावा : Strait of Hormuz

अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि उसने दो ईरानी तेल टैंकरों को निष्क्रिय कर दिया। अमेरिका का कहना है कि ये टैंकर उसकी समुद्री नाकेबंदी को तोड़ने की कोशिश कर रहे थे, जिसके बाद कार्रवाई की गई।

रातभर चली गोलीबारी की खबर

रिपोर्ट्स के अनुसार इलाके में रातभर तनावपूर्ण स्थिति बनी रही और दोनों पक्षों के बीच गोलीबारी भी हुई। इसके अलावा समुद्री क्षेत्र में मौजूद सैन्य जहाजों और ठिकानों पर भी जवाबी कार्रवाई किए जाने की जानकारी सामने आई है।

संयुक्त अरब अमीरात ने भी लगाया आरोप

संयुक्त अरब अमीरात की ओर से दावा किया गया है कि उसके क्षेत्र को मिसाइल और ड्रोन से निशाना (Strait of Hormuz) बनाया गया। हालांकि इन घटनाओं को लेकर अलग अलग पक्षों की ओर से अलग दावे किए जा रहे हैं और स्थिति लगातार बदलती दिखाई दे रही है।

दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति पर बढ़ा खतरा

होर्मुज जलडमरूमध्य को दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में माना जाता है। बड़ी मात्रा में तेल और गैस की आपूर्ति इसी रास्ते से होती है। इलाके में बढ़ते तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन कीमतों और व्यापार को लेकर चिंता बढ़ने लगी है।

दोनों देशों के बयान से और बढ़ा तनाव

अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने कहा कि अमेरिकी हितों को चुनौती देने पर जवाबी कार्रवाई (Strait of Hormuz) की जाएगी। वहीं ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने टैंकरों पर कार्रवाई को संघर्षविराम का उल्लंघन बताया है।

शांति प्रयासों पर भी टिकी नजर

इसी बीच कुछ देशों की ओर से तनाव कम कराने की कोशिशें भी जारी बताई जा रही हैं। राजनयिक स्तर पर बातचीत के जरिए हालात संभालने की कोशिश की जा रही है, लेकिन फिलहाल क्षेत्र में तनाव कम होता नजर नहीं आ रहा।

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