Indore Pithampur Economic Corridor : सुपर कारिडोर से पीथमपुर तक बनेगा एकीकृत औद्योगिक कारिडोर, कल भूमिपूजन करेंगे सीएम

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 3 मई को इंदौर में इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर (आईपीईसी) के प्रथम चरण (Indore Pithampur Economic Corridor) का भूमि-पूजन करेंगे। यह परियोजना प्रदेश में अधोसंरचना, उद्योग और शहरी विकास को एकीकृत रूप में आगे बढ़ाने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है। इस अवसर पर कॉरिडोर के स्वरूप, संभावनाओं और क्षेत्रीय प्रभावों को शॉर्ट फिल्म के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा।
इंदौर एयरपोर्ट के समीप स्थित सुपर कॉरिडोर को पीथमपुर निवेश क्षेत्र से जोड़ते हुए इस कॉरिडोर को एक सुव्यवस्थित औद्योगिक धुरी के रूप में विकसित किया जा रहा है। इससे औद्योगिक इकाइयों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी, वहीं लॉजिस्टिक्स, परिवहन और बाजार तक पहुंच अधिक प्रभावी होगी। यह परियोजना इंदौर क्षेत्र में विकसित हो रहे औद्योगिक क्लस्टर्स को एकीकृत कर निवेश के लिए संगठित और अनुकूल वातावरण तैयार करेगी।
इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर के माध्यम से पीथमपुर निवेश क्षेत्र, लॉजिस्टिक हब, टेक्सटाइल और मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों को एकीकृत कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे उत्पादन और वितरण तंत्र मजबूत होगा और उद्योगों के संचालन में सरलता आएगी। यह परियोजना प्रदेश में निवेश प्रवाह को बढ़ाने और रोजगार के अवसर सृजित करने में भी सहायक सिद्ध होगी।
परियोजना की प्रमुख विशेषताएं (Indore Pithampur Economic Corridor)
कॉरिडोर के अंतर्गत सुपर कॉरिडोर से पीथमपुर निवेश क्षेत्र तक लगभग 20.28 किलोमीटर लंबाई का मार्ग विकसित किया जाएगा। करीब 1316 हेक्टेयर क्षेत्र में नियोजित विकास का प्रावधान किया गया है, जिसके लिए लगभग 2360 करोड़ रुपये की लागत (Indore Pithampur Economic Corridor) निर्धारित है। अधोसंरचना के तहत 75 मीटर चौड़ी मुख्य सड़क और उसके दोनों ओर बफर जोन विकसित किया जाएगा, जिससे भविष्य में विस्तार की संभावनाएं बनी रहेंगी।
यह कॉरिडोर राष्ट्रीय राजमार्ग-47 और राष्ट्रीय राजमार्ग-52 के बीच प्रभावी कनेक्टिविटी स्थापित करेगा, जिससे औद्योगिक परिवहन अधिक सुगम और समयबद्ध होगा। साथ ही, यह परियोजना इंदौर क्षेत्र में संतुलित शहरीकरण और अधोसंरचना आधारित विकास को नई दिशा प्रदान करेगी।



