Congress Politics : आखिर क्यों बढ़ने लगी टीएस बाबा को लेकर सियासी हलचल, अजय चंद्राकर के बयान ने छेड़ी नई बहस

छत्तीसगढ़ की राजनीति में इन दिनों अंदरूनी खींचतान और नेतृत्व को लेकर चर्चाएं लगातार तेज (Congress Politics) होती जा रही हैं। कांग्रेस के भीतर चल रही बयानबाजी के बीच अब पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव को लेकर नया राजनीतिक विवाद सामने आ गया है। भाजपा विधायक अजय चंद्राकर के बयान के बाद प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ गई है।
रायपुर में दिए गए बयान के बाद राजनीतिक माहौल अचानक गर्म नजर आने लगा। अजय चंद्राकर ने जिस अंदाज में टीएस बाबा के सम्मान और राजनीतिक स्थिति को लेकर सवाल उठाए, उसके बाद कांग्रेस के भीतर सबकुछ सामान्य नहीं होने की चर्चाएं फिर तेज हो गई हैं।
अजय चंद्राकर ने कही बड़ी बात : Congress Politics
भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि अपमान की भी एक सीमा होती है और अब टीएस बाबा को फैसला लेना ही होगा। उन्होंने कहा कि लगातार उपेक्षा सहना किसी भी वरिष्ठ नेता के लिए उचित स्थिति नहीं मानी जा सकती।
उन्होंने यह भी कहा कि टीएस सिंहदेव केवल एक राजनीतिक चेहरा नहीं बल्कि प्रदेश की राजनीति में सम्मानित और शालीन व्यक्तित्व के रूप में देखे जाते हैं। ऐसे में सार्वजनिक रूप से लगातार नजरअंदाज किया जाना राजनीतिक मतभेद से ज्यादा बड़ा संदेश देता है।
भूपेश बघेल के बयान के बाद बढ़ा विवाद
दरअसल यह पूरा मामला उस बयान के बाद और चर्चा में आया जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा था कि वह टीएस सिंहदेव के बयानों पर प्रतिक्रिया नहीं देते। इसी बात को आधार बनाकर अजय चंद्राकर ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस सरकार बनने के बाद से ही सुनियोजित तरीके से टीएस बाबा को किनारे लगाने की राजनीति शुरू हो गई थी।
कांग्रेस के भीतर बढ़ी चर्चाएं
चंद्राकर ने कहा कि राजनीति में विचारों का मतभेद होना सामान्य बात है लेकिन किसी वरिष्ठ नेता को लगातार नजरअंदाज करना स्वस्थ परंपरा नहीं माना (Congress Politics) जा सकता। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में यह चर्चा और तेज हो गई है कि कांग्रेस के भीतर नेतृत्व और संगठन को लेकर सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है।
झीरम घाटी हमले को लेकर भी उठाए सवाल
इसी दौरान अजय चंद्राकर ने झीरम घाटी हमले को लेकर भी कांग्रेस नेताओं पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि इस घटना को लेकर आज भी कई सवाल ऐसे हैं जिनके जवाब जनता जानना चाहती है।
उन्होंने दावा किया कि जिस दिन भूपेश बघेल अपने पास मौजूद तथ्यों को सार्वजनिक करेंगे और कवासी लखमा खुलकर पूरी घटना पर बोलेंगे उस दिन कई नई बातें सामने आ सकती हैं।
अमरजीत भगत के बयान पर भी पलटवार
भाजपा विधायक ने पूर्व मंत्री अमरजीत भगत के उस बयान पर भी प्रतिक्रिया दी जिसमें आदिवासियों को खनिज संपदा में उचित हिस्सा मिलने की बात (Congress Politics) कही गई थी।
चंद्राकर ने सवाल उठाया कि यदि कांग्रेस सरकार के दौरान यह मुद्दा इतना गंभीर था तो फिर इसे विधानसभा या केंद्र सरकार के सामने मजबूती से क्यों नहीं उठाया गया। उन्होंने कहा कि जनता अब केवल बयान नहीं बल्कि पुराने फैसलों और राजनीतिक नीयत को भी देख रही है।



