Twisha Sharma Case : ट्विशा शर्मा केस में बड़ा मोड़, पति समर्थ और सास गिरिबाला 5 दिन की सीबीआई रिमांड पर

भोपाल में चर्चित ट्विशा शर्मा मामले की जांच अब एक नए और अहम मोड़ पर पहुंच (Twisha Sharma Case) गई है। अदालत में हुई सुनवाई के बाद जांच एजेंसी को आगे की पूछताछ के लिए अतिरिक्त समय मिल गया है। इस फैसले के बाद माना जा रहा है कि मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं की गहराई से पड़ताल की जाएगी और अब जांच का फोकस उन घटनाओं पर रहेगा जो मौत से पहले और बाद के समय में हुईं।
मामले को लेकर लगातार नई जानकारियां सामने आ रही हैं। जांच एजेंसी की टीम तकनीकी और फॉरेंसिक साक्ष्यों को जोड़कर पूरी घटनाक्रम की तस्वीर तैयार करने में जुटी है। इसी वजह से हाल के दिनों में पूछताछ और डिजिटल जांच की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है।
अदालत ने बढ़ाई रिमांड : Twisha Sharma Case
भोपाल की अदालत ने मामले में गिरफ्तार पति समर्थ और सास गिरिबाला सिंह को आगे की पूछताछ के लिए जांच एजेंसी की हिरासत में भेजने की अनुमति दे दी है। इससे पहले गिरिबाला सिंह को लंबी पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया था। वहीं समर्थ पहले से ही जांच एजेंसी की रिमांड पर था। अब दोनों को 2 जून तक पूछताछ के लिए हिरासत में रखा जाएगा, जहां उनसे कई बिंदुओं पर सवाल किए जाएंगे।
अलग अलग वाहनों से पहुंचे अदालत
शुक्रवार को दोनों आरोपियों को जिला अदालत में पेश किया गया। जांच एजेंसी की टीम उन्हें अलग अलग वाहनों से लेकर पहुंची थी। सुनवाई के दौरान दोनों को अदालत में एक साथ प्रस्तुत किया गया, जहां रिमांड अवधि बढ़ाने को लेकर एजेंसी ने अपना पक्ष रखा।
मौत से पहले के घंटों की होगी पड़ताल
सूत्रों के अनुसार जांच एजेंसी अब ट्विशा शर्मा के आखिरी घंटों की गतिविधियों को विस्तार से समझने का प्रयास कर रही है। इसके लिए घटनास्थल और उससे जुड़े डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है। जांचकर्ता यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि घटना से पहले कौन कौन सी गतिविधियां हुईं और उस दौरान घर के भीतर क्या परिस्थितियां थीं।
डिजिटल तकनीक से तैयार होगा पूरा घटनाक्रम
जानकारी के मुताबिक जांच में सीसीटीवी रिकॉर्डिंग, मोबाइल फोन डेटा, इंटरनेट उपयोग से जुड़ी जानकारी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड को एक साथ जोड़कर देखा (Twisha Sharma Case) जा रहा है। फॉरेंसिक विशेषज्ञ घर के विभिन्न हिस्सों की मैपिंग भी कर रहे हैं, ताकि घटनाक्रम का क्रमवार अध्ययन किया जा सके और किसी भी संभावित विसंगति की पहचान हो सके।
घर का तैयार किया जा रहा वर्चुअल मॉडल
सूत्रों का कहना है कि जांच एजेंसी घर का एक डिजिटल और वर्चुअल मॉडल तैयार कर रही है। इसके माध्यम से यह समझने की कोशिश होगी कि घटना से पहले और बाद में किस स्थान पर क्या गतिविधियां हुईं। इस प्रक्रिया में समय से जुड़ी जानकारियों को आपस में मिलाकर घटनाओं का क्रम तैयार किया जाएगा, जिससे जांच को और स्पष्ट दिशा मिल सके।
साक्ष्यों से छेड़छाड़ की भी होगी जांच
जांच एजेंसी यह भी पता लगाने में जुटी है कि कहीं किसी डिजिटल रिकॉर्ड को हटाने, बदलने या छिपाने का प्रयास तो नहीं किया गया। इसके लिए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और रिकॉर्ड का गहन परीक्षण किया जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि तकनीकी विश्लेषण से मामले के कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर स्पष्टता आ सकती है और जांच को मजबूत आधार मिल सकता है।
अब जांच के अगले चरण पर नजर
मामले में रिमांड बढ़ने के बाद अब जांच एजेंसी को पूछताछ और तकनीकी जांच के लिए अतिरिक्त समय मिल (Twisha Sharma Case) गया है। ऐसे में आने वाले दिनों में कुछ और महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं। फिलहाल पूरे मामले पर लोगों की नजर बनी हुई है और सभी को जांच के अगले चरण के निष्कर्षों का इंतजार है।



