राजनीति

Petrol Price : पेट्रोल डीजल के बढ़े दामों पर सियासत तेज, जनता पर बढ़ते बोझ को लेकर सरकार घिरी

पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद बाजार से लेकर चौराहों तक चर्चा का माहौल (Petrol Price) बना हुआ है। कई शहरों में लोग बढ़ती महंगाई को लेकर चिंता जताते दिखे तो वहीं विपक्ष ने भी सरकार पर हमले तेज कर दिए हैं। ट्रांसपोर्ट कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि ईंधन महंगा होने का असर जल्द ही रोजमर्रा की चीजों पर दिखाई देगा।

राजनीतिक गलियारों में भी इस फैसले को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्षी दल लगातार सवाल उठा रहे हैं कि जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हालात पहले से खराब थे तब सरकार ने पहले से तैयारी क्यों नहीं की। बढ़ती कीमतों को लेकर आम लोगों के बीच भी नाराजगी महसूस की जा रही है।

कांग्रेस ने सरकार पर बोला हमला : Petrol Price

कांग्रेस ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तीन रुपए प्रति लीटर से ज्यादा की बढ़ोतरी को जनता पर भारी बोझ बताया है। पार्टी का कहना है कि ईंधन के दाम बढ़ने से महंगाई और तेजी से बढ़ेगी तथा आर्थिक विकास की रफ्तार भी प्रभावित होगी।

लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने मूल्य वृद्धि को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि गलती सरकार की है लेकिन उसकी कीमत आम जनता चुका रही है। उन्होंने यह भी कहा कि तीन रुपए का झटका अभी लग चुका है और बाकी वसूली आगे किस्तों में की जाएगी।

खरगे ने उठाए कई सवाल

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि मौजूदा हालात के पीछे सरकार की नीतियां और दूरदर्शिता की कमी जिम्मेदार है। उन्होंने आरोप लगाया कि पेट्रोल डीजल और रसोई गैस की बढ़ी कीमतों का सीधा असर जनता की जेब पर पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय तेल संकट के साथ देश में आर्थिक संकट की स्थिति (Petrol Price) भी बनी हुई है। खरगे ने सवाल उठाया कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें कम थीं तब लोगों को राहत क्यों नहीं दी गई। उन्होंने दावा किया कि पिछले दस वर्षों में केंद्र सरकार ने करों के जरिए पेट्रोल डीजल से बड़ी कमाई की है।

डीजल महंगा होने से बढ़ेगी महंगाई

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि डीजल की कीमत बढ़ने का असर पूरे देश में देखने को मिलता है। इसका सीधा प्रभाव परिवहन, उद्योग, खेती और घरेलू खर्च पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि किसानों और मध्यम वर्ग के लिए यह स्थिति ज्यादा मुश्किल पैदा कर सकती है।

पार्टी का कहना है कि पहले भी सरकार को संभावित संकट को लेकर चेतावनी दी गई थी लेकिन समय रहते जरूरी कदम नहीं उठाए गए। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि अब हालात बिगड़ने पर सरकार लोगों को ईंधन बचाने की सलाह दे रही है।

सोशल मीडिया पर भी बयानबाजी तेज

कांग्रेस के संचार महासचिव जयराम रमेश ने भी सरकार (Petrol Price) पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि एक तरफ छात्र परेशान हैं तो दूसरी तरफ आम जनता महंगे पेट्रोल डीजल और बढ़ती रसोई लागत की मार झेल रही है। उनके बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर बहस तेज हो गई।

ईंधन की बढ़ी कीमतों के बीच अब लोगों की नजर इस बात पर टिकी है कि आने वाले दिनों में सरकार राहत देती है या फिर महंगाई का असर और बढ़ता है।

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