छत्तीसगढ़

Agitation of BALCO : वायदाखिलाफी पड़ रही भारी! ग्रामीणाें के आंदोलन से मुसीबत में बालको पॉवर प्लांट

कोरबा, नवप्रदेश। बालको प्रबंधन से नाराज ग्रामीण अनिश्चितकालीन आंदोलन में लगे हैं। शुक्रवार की दोपहर से चल रहे इस आंदोलन ने बालको प्लांट को मुसीबत में डाल दिया है। मजदूरों और कर्मचारियों की आवाजाही प्लांट में पूरी तरह बंद कर दी गई (Agitation of BALCO) है। जिसके चलते बालको प्लांट का पूरा काम प्रभावित हो रहा है।

आंदोलनकारियों ने बालको प्लांट के 7 गेट को बंद कर दिया है। परसाभाठा मुख्य गेट, प्रोजेक्ट गेट, एल्यूमिना गेट, मटेरियल गेट, सेपको गेट, कोयला गेट समेत सभी 7 गेट को बंद करा दिया है।

जहां से कर्मचारियों व मजदूरों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। आंदोलन का आज तीसरा दिन है। प्लांट में बालको के नियमित कर्मचारियों की संख्या बेहद कम है। शुक्रवार से फंसे मजदूरों के अलावा चोर रास्तों से घुसाए जा रहे मजदूरों के जरिए ही प्लांट को चलाया जा रहा (Agitation of BALCO) है।

बालको प्रबंधन के होश उड़े हुए हैं लेकिन स्थानीय लोगों की प्रमुख मांग स्थानीय लोगों की भर्ती से बचने के लिए प्रबंधन भी अड़ियल रूख अख्तियार किए हुए है। शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करते हुए गेट के सामने बैठे स्थानीय लोगों अब भी सब्र बांधे हुए हैं। स्थानीय लोगों के लंबे आंदोलन के मनोबल को देखते प्रबंधन के होश जरूर उड़ गए है।

शांतिपूर्ण आंदोलन, मांग पूरी होने पर हटेंगे

परसाभाटा विकास समिति के विकास डालमिया, शशि चंद्रा, पवन यादव समेत अन्य पदाधिकारियों ने जयवीरू न्यूज़ को बताया कि स्थानीय लोगों को रोजगार देने के साथ ही अन्य मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से स्थानीय लोग आंदोलन कर रहे (Agitation of BALCO) हैं। प्रबंधन बात कर उनकी मांग मान ले वे तुरंत आंदोलन समाप्त कर देंगे।

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