छत्तीसगढ़

Baloda Bazar Case : अमित बघेल को बड़ा झटका, हाईकोर्ट ने भी नहीं दी राहत

बलौदा बाजार आगजनी मामले को लेकर मंगलवार को फिर राजनीतिक हलचल (Baloda Bazar Case) तेज हो गई। हाईकोर्ट के फैसले की जानकारी सामने आते ही समर्थकों और विरोधियों के बीच चर्चा का दौर शुरू हो गया। जिला मुख्यालय से लेकर राजनीतिक गलियारों तक लोग पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए रहे। कई जगहों पर इस फैसले को लेकर अलग अलग प्रतिक्रियाएं भी देखने को मिलीं।

जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी प्रमुख अमित बघेल को फिलहाल अदालत से राहत नहीं मिल सकी है। आगजनी कांड में दायर उनकी जमानत याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी। इससे पहले निचली अदालत से भी उन्हें राहत नहीं मिली थी।

अलग अलग धाराओं में हुई थी गिरफ्तारी : Baloda Bazar Case

जानकारी के मुताबिक बलौदा बाजार कोतवाली पुलिस ने अमित बघेल को आगजनी मामले में संलिप्तता पाए जाने के बाद विभिन्न धाराओं के तहत गिरफ्तार किया था।

पहले निचली अदालत ने भी खारिज की थी याचिका

गिरफ्तारी के बाद अमित बघेल ने जमानत के लिए अदालत का रुख किया था। निचली अदालत से राहत नहीं मिलने के बाद मामला हाईकोर्ट पहुंचा, लेकिन वहां भी याचिका खारिज हो गई।

जैतखाम विवाद के बाद बढ़ा था मामला

बताया गया कि मई 2024 में गिरौधपुरी धाम स्थित जैतखाम में तोड़फोड़ की घटना के बाद समाज के लोगों में भारी नाराजगी फैल (Baloda Bazar Case) गई थी। इसके बाद न्यायिक जांच की मांग उठने लगी थी।

प्रदर्शन के दौरान भड़की थी हिंसा

10 जून को बड़ी संख्या में लोग विरोध प्रदर्शन के लिए कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। इसी दौरान स्थिति बिगड़ गई और प्रदर्शन हिंसक हो गया। उपद्रव के दौरान कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आग लगा दी गई थी।

करोड़ों के नुकसान का दावा

प्रशासन के मुताबिक हिंसक घटना में सरकारी संपत्तियों को करोड़ों रुपये का नुकसान (Baloda Bazar Case) पहुंचा था। मामले में कई प्रकरण दर्ज कर बड़ी संख्या में लोगों को गिरफ्तार किया गया था।

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