छत्तीसगढ़राजनीति

हुक्का बैन पर भाजपा का निशाना, राज्य सरकार कर रही महज दिखावा

रायपुर/नवप्रदेश। BJP on Hookah : छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेशभर में हुक्का की गुड़गुड़ी पर रोक लगा दिया,लेकिन आज भी चोरी छिपे नशे का कारोबार चल रहा है। हालांकि पुलिस की पैनी नजर से कई लोग कानून के दायरे में भी आये पर कोटपा एक्ट लचीली होने के कारण लगभग सभी आरोपी जमानत पर रिहा भी हो गए।

इधर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के आदेश की अवहेलना होते देख विपक्ष को चुटकी लेने का मौका मिल गया है। भाजपा ने सीधे तौर पर राज्य सरकार पर निशाना साधा है। भाजपा प्रवक्ता अनुराग अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस सरकार के आदेश पर पुलिस हुक्का बेचने वालों पर लगातार कार्यवाही करने का महज दिखावा कर रही है, परंतु कोई कड़ा प्रावधान न होने के कारण अपराधी छूट जा रहे हैं।

BJP's target on hookah ban, no action, only pretending state government
Anurag Agrawal

सरकार बनाये कड़ा कानून

अनुराग ने कहा कि वर्तमान में हुक्का व हुक्का से संबंधित (BJP on Hookah) सामग्री बेचते हुए जितने भी लोग पकड़े गए, पुलिस उनके खिलाफ कोटपा एक्ट (सिगरेट एंड अदर टोबैको प्रोडक्ट्स एक्ट, 2003 ) या प्रतिबंधात्मक धारा 151 का प्रयोग करती है। जिससे अपराधिक मामूली जुर्माना देकर तुरंत छूट जाते हैं। सरकार ने अभी तक इस संबंध में कोई कड़े कानून या प्रावधान नही बनाई है। जिससे अपराधियो में भय उत्पन्न हो। इससे साफ जाहिर होता है कि भूपेश बघेल हुक्का या अन्य नशीले पदार्थों पर कार्यवाही करना नहीं चाहती सिर्फ कार्यवाही करने का दिखावा कर रही है।

भाजपा रायपुर जिला मीडिया प्रभारी अनुराग अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस की भूपेश सरकार का नशे के कारोबार पर नियंत्रण करने की कोई इच्छा शक्ति नहीं है , बल्कि जनता को धोखा देने के लिए वह सिर्फ नशे के कारोबार पर नियंत्रण करने का दिखावा कर रही है। एक तरफ सरकार हुक्के के कारोबार पर कार्रवाई करने का दबाव बना रही है, वहीं दूसरी तरफ शहर में सरेआम खुले आहतों और अवैध शराब के खिलाफ पुलिस को कोई कार्यवाही नहीं करने दे रही है।

अवैध शराब विक्रय पर कार्रवाई नहीं

भाजपा सरकार ने अवैध शराब की बिक्री पर रोकथाम लगाने के लिए सरकारी नियंत्रण (BJP on Hookah) में शराब दुकान प्रारंभ करवाया। लेकिन कांग्रेस सरकार में शासकीय शराब दुकान ही अवैध शराब विक्रय के केंद्र बनते जा रहे है। विगत दिनों में शासकीय शराब दुकानों में दूसरे प्रदेशों की शराब मिल रही है, शराब दुकान चलाने वाले ठेका एजेंसियों के कर्मचारी ओवर रेट में शराब बेच रहे हैं, शराब बिक्री के पैसे के गबन के विभिन्न मामले हैं, परंतु शासन के प्रश्नय में उनकी नाक के ठीक नीचे ठेका कर्मचारियो व जिम्मेदार आबकारी अधिकारियों पर कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है।

अनुराग अग्रवाल ने कहा की कांग्रेस सरकार सचमुच नशे के कारोबार पर नियंत्रण करना चाहती है तो उसे ठोस कार्यवाही करनी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि जनता अब झुनझुने से बहलने वाली नहीं है।

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