Charandas Mahant STP Issue : विधानसभा में एसटीपी पर घमासान, महंत ने जवाबों पर उठाए सवाल, सरकार ने जांच का दिया भरोसा

बुधवार को तीखी बहस देखने को मिली। नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने एसटीपी की संख्या और स्थिति को लेकर सरकार (Charandas Mahant Stp Issue) द्वारा दिए गए जवाबों पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि बार-बार संशोधित उत्तर दिए जा रहे हैं, जिससे स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है।
प्रश्नकाल के दौरान चरणदास महंत ने कहा कि एसटीपी निर्माण को लेकर पहले 26 प्लांट की जानकारी दी गई थी, लेकिन बाद में संशोधित उत्तर में यह संख्या घटाकर 21 कर दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी उनके क्षेत्र में एसटीपी प्लांट की स्थिति के बारे में जानकारी मांगी जाती है, हर बार उसे प्रक्रियाधीन बताया जाता है, जिससे वास्तविक प्रगति पर संदेह पैदा होता है।
इस पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने स्वीकार किया कि बाद में संशोधित उत्तर उपलब्ध (Charandas Mahant Stp Issue) कराया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य और केंद्र सरकार मिलकर इस दिशा में गंभीरता से काम कर रहे हैं। उन्होंने जानकारी दी कि फिलहाल 12 नगरीय निकायों में 21 एसटीपी स्वीकृत हैं, जबकि कुल 68 नगरीय निकायों में 96 एसटीपी प्लांट की स्वीकृति दी जा चुकी है।
नेता प्रतिपक्ष ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि बार-बार गलत या अधूरी जानकारी दिए जाने से जनप्रतिनिधियों को गुमराह किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि इस तरह की लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी और उनके लिए क्या दंड या जवाबदेही तय है।
जवाब में उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि पूरे मामले का परीक्षण कराया (Charandas Mahant Stp Issue) जाएगा और यदि किसी स्तर पर त्रुटि या लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि एसटीपी निर्माण और जल प्रबंधन से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है।
विधानसभा में इस मुद्दे के उठने के बाद प्रदेश में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की स्थिति, उनकी संख्या और निर्माण की प्रगति को लेकर चर्चा तेज हो गई है। यह मामला नगरीय क्षेत्रों में स्वच्छता और जल संरक्षण से सीधे जुड़ा हुआ है, जिससे लाखों लोगों की जीवन गुणवत्ता प्रभावित होती है।



