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Congress Appointments : कांग्रेस ने संगठन में किए बड़े बदलाव, कई जिलों में नए चेहरों को मिली जिम्मेदारी

छत्तीसगढ़ कांग्रेस संगठन में गुरुवार को नई नियुक्तियों को लेकर राजनीतिक हलचल (Congress Appointments) तेज रही। प्रदेशभर के कई जिलों में ओबीसी विभाग के नए जिलाध्यक्षों के नाम सामने आने के बाद कार्यकर्ताओं के बीच चर्चा का दौर शुरू हो गया। कई जगहों पर समर्थकों ने नई जिम्मेदारी मिलने पर नेताओं का स्वागत भी किया।

पार्टी संगठन को मजबूत करने की तैयारी के बीच इन नियुक्तियों को अहम माना जा रहा है। कांग्रेस अब अलग अलग जिलों में संगठनात्मक गतिविधियों को और सक्रिय करने की रणनीति पर काम करती दिखाई दे रही है। नई सूची जारी होने के बाद कई नेताओं को पहली बार बड़ी जिम्मेदारी मिली है।

ओबीसी विभाग के जिलाध्यक्ष घोषित : Congress Appointments

ऑल इंडिया कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ में ओबीसी विभाग के जिलाध्यक्षों की घोषणा कर दी है। सूची में प्रदेश के अलग अलग जिलों के कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है। रायपुर शहर की जिम्मेदारी लक्ष्मण सेन को दी गई है जबकि रायपुर ग्रामीण में मुकेश साहू को नियुक्त किया गया है।

दुर्ग और राजनांदगांव में भी नई जिम्मेदारी

दुर्ग शहर के लिए शिशीरकांत कसार और दुर्ग ग्रामीण के लिए संतोष देशमुख को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसी तरह राजनांदगांव शहर में सचीन टुराहाटे और राजनांदगांव ग्रामीण में रोशन साहू को जिलाध्यक्ष बनाया गया है।

बस्तर संभाग में भी नियुक्तियां

जगदलपुर शहर में शुभम यदु को जिम्मेदारी दी गई है। वहीं बीजापुर में दिनेश पुजारी, कोण्डागांव में भगवती पटेल और नारायणपुर में माधेश्वर कलार को नई जिम्मेदारी (Congress Appointments) मिली है। कवर्धा जिले में नेमीचंद पटेल को जिलाध्यक्ष बनाया गया है।

कोरबा और जांजगीर में नए चेहरे

कोरबा शहर की जिम्मेदारी गजानंद्र साहू को दी गई है जबकि कोरबा ग्रामीण में राजेश मानिकपुरी को नियुक्त किया गया है। जांजगीर चांपा ग्रामीण में भतिष्य चंद्राकर और जांजगीर चांपा शहर में लोकेष राठौर को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

बिलासपुर ग्रामीण में सुनील साहू को मौका

बिलासपुर ग्रामीण की जिम्मेदारी सुनील साहू को दी (Congress Appointments) गई है। पार्टी नेताओं का कहना है कि संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए सक्रिय कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी दी जा रही है। नई नियुक्तियों के बाद आने वाले समय में संगठनात्मक गतिविधियों में तेजी आने की संभावना जताई जा रही है।

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