छत्तीसगढ़

Bear Road Accident : सड़क हादसे में भालू की मौत, तेज रफ्तार वाहन ने मारी टक्कर

बस्तर संभाग में वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर मेटावाड़ा के समीप एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक भालू की मौके पर ही मौत हो गई। जानकारी के अनुसार सड़क पार कर रहे भालू को एक तेज रफ्तार अज्ञात चारपहिया वाहन ने जोरदार टक्कर मार दी, जिससे भालू गंभीर रूप से घायल हो गया और कुछ ही देर में उसने दम तोड़ दिया। यह घटना वन्यजीव सड़क दुर्घटना (Bear Road Accident) के बढ़ते मामलों की ओर इशारा कर रही है।

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घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और मृत भालू के शव को अपने कब्जे में ले लिया। वन अधिकारियों ने बताया कि शव का विधिवत पोस्टमार्टम कराया जाएगा, जिसके बाद नियमानुसार अंतिम संस्कार किया जाएगा। हादसे के बाद क्षेत्र में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल भी बन गया, वहीं स्थानीय लोगों में वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर चिंता देखी गई।

एसडीओ देव लाल दुग्गा ने बताया कि बुधवार की सुबह स्थानीय ग्रामीणों ने सूचना दी थी कि एक भालू सड़क पार कर रहा था, तभी तेज रफ्तार वाहन ने उसे कुचल दिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि भालू गंभीर रूप से घायल हो गया और कुछ समय बाद उसकी मौत हो गई। घटनास्थल पर वाहन के टूटे हुए कई हिस्से मिले हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वाहन की रफ्तार काफी अधिक थी। यह मामला लापरवाह ड्राइविंग (Bear Road Accident) का गंभीर उदाहरण माना जा रहा है।

वन विभाग ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि अज्ञात वाहन और उसके चालक की पहचान की जा सके। अधिकारियों का कहना है कि वाहन चालक के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम और मोटर वाहन अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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गौरतलब है कि बस्तर क्षेत्र में जंगल और राष्ट्रीय राजमार्ग एक-दूसरे के काफी करीब हैं। ऐसे में वन्यजीव अक्सर भोजन या पानी की तलाश में सड़क पार करते हैं। तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाना न केवल इंसानों के लिए बल्कि वन्यजीवों के लिए भी जानलेवा साबित हो रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर वन्यजीव हादसे (Bear Road Accident) रोकने के लिए गति सीमा, चेतावनी बोर्ड और रात्रि गश्त को और प्रभावी बनाने की जरूरत है।

वन विभाग ने वाहन चालकों से अपील की है कि जंगल और संवेदनशील इलाकों से गुजरते समय वाहन की गति नियंत्रित रखें और सतर्कता बरतें, ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

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