Himachal Snowfall : हिमाचल की ऊँची चोटियों पर बर्फ की चादर, वन मंत्री केदार कश्यप बोले– प्रकृति के साथ संतुलन जरूरी

Himachal Snowfall : हिमाचल प्रदेश की ऊँची चोटियाँ एक बार फिर बर्फ से ढक गई हैं। बुधवार की सुबह से ही चंबा, कुल्लू, किन्नौर और कांगड़ा की ऊँचाइयों पर ताज़ा हिमपात का दौर शुरू हुआ, जबकि मनाली और आसपास के क्षेत्रों में हल्की वर्षा से ठंड ने दस्तक दे दी।
रोहतांग दर्रा में करीब छह इंच, जबकि शिंकुला, बारालाचा और कुंजम दर्रों में लगभग 10 इंच तक बर्फबारी दर्ज की गई। तापमान में तेज़ गिरावट से मनाली-लेह मार्ग पर पानी जमने लगा है, जिससे वाहनों की आवाजाही पर असर पड़ा है।
पांगी और भरमौर घाटियों की ऊँचाइयों पर भी हिमकणों ने सफेद चादर बिछा दी है। मणिमहेश और कैलाश पर्वत श्रृंखला सहित कई चोटियाँ लगातार हिमपात से चमक (Himachal Snowfall) उठी हैं। सच्चे जोत में करीब एक फीट बर्फ गिरने से यातायात ठप हो गया है, वहीं हुडान और सुराल भटोरी में तीन इंच तक हिमपात दर्ज हुआ है।
चंबा शहर में बुधवार दोपहर से शुरू हुई बारिश शाम तक जारी रही। दूसरी ओर रोहतांग और सोलंगनाला में पहुंचे पर्यटकों ने बर्फ के बीच फोटोग्राफी और एडवेंचर का खूब आनंद लिया। लाहुल-स्पीति का तापमान न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया है, जहां ताबो प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा – माइनस 0.7 डिग्री सेल्सियस।
शिमला, मंडी, बिलासपुर, ऊना और हमीरपुर में दोपहर तक धूप खिली रही, पर बाद में आसमान (Himachal Snowfall) पर बादल मंडराने लगे। मौसम विभाग के मुताबिक, 23 से 28 अक्टूबर तक हिमाचल के अधिकतर क्षेत्रों में मौसम साफ रहने की संभावना है।
इधर, राज्य के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि “प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने के लिए बर्फबारी जैसी मौसमी घटनाएँ वरदान हैं। ये न सिर्फ नदियों और जलस्रोतों को पुनर्जीवित करती हैं, बल्कि आने वाले पर्यटन सीज़न के लिए भी शुभ संकेत हैं।”



