Devendra Yadav Supreme Court : सुप्रीम कोर्ट में अटकी राह, भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव को नहीं मिली राहत

भिलाई नगर विधानसभा क्षेत्र के विधायक देवेंद्र यादव को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका (Devendra Yadav Supreme Court) लगा है। चुनाव याचिका को निरस्त कराने के लिए दाखिल उनकी विशेष अनुमति याचिका (SLP) को सर्वोच्च न्यायालय ने खारिज कर दिया है। अदालत ने मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए साफ कर दिया कि अब इस विवाद पर आगे की सुनवाई बिलासपुर हाईकोर्ट में ही जारी रहेगी।
देवेंद्र यादव ने हाईकोर्ट में लंबित चुनाव याचिका को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। उनका पक्ष था कि उनके निर्वाचन को चुनौती देने वाली याचिका में पर्याप्त आधार नहीं है, इसलिए उसे समाप्त किया जाना चाहिए। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया और उनकी एसएलपी को खारिज कर दिया।
यह चुनाव याचिका भाजपा नेता और भिलाई नगर से पूर्व प्रत्याशी रहे प्रेम प्रकाश पांडे द्वारा दाखिल की गई थी। याचिका में आरोप लगाया गया है कि चुनाव के दौरान प्रस्तुत शपथ पत्र में संपत्ति से जुड़ी जानकारी और अन्य तथ्यों का पूर्ण खुलासा (Devendra Yadav Supreme Court) नहीं किया गया। साथ ही, कुछ मामलों से संबंधित जानकारी छुपाने का भी आरोप लगाया गया है। इन बिंदुओं को आधार बनाकर निर्वाचन को चुनौती दी गई है।
देवेंद्र यादव ने वर्ष 2018 और 2023 के विधानसभा चुनाव में लगातार जीत दर्ज करते हुए इस सीट पर अपनी मजबूत पकड़ बनाई है। चुनाव परिणाम के बाद दाखिल इस याचिका को समाप्त कराने के लिए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर की थी, लेकिन वहां से राहत नहीं मिल सकी।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा एसएलपी खारिज किए जाने के बाद अब पूरा मामला फिर से हाईकोर्ट के दायरे में आ गया है। आने वाले समय में हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई इस पूरे विवाद की दिशा (Devendra Yadav Supreme Court) तय करेगी। इस घटनाक्रम के बाद प्रदेश की राजनीतिक हलचल तेज हो गई है और भिलाई नगर विधानसभा सीट एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गई है।



