
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) द्वारा आयोजित बॉयलर निरीक्षक भर्ती परीक्षा को लेकर नया विवाद सामने (CGPSC Recruitment Controversy) आया है। इस मामले में राज्यपाल को शिकायत भेजकर भर्ती प्रक्रिया में अनियमितता और पक्षपात के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। वहीं दूसरी ओर आयोग ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर चयन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और नियमों के अनुरूप बताया है।
शिकायतकर्ता गौरी शंकर श्रीवास ने राज्यपाल को भेजे पत्र में आरोप लगाया है कि उद्योग विभाग के विज्ञापन (23 अक्टूबर 2024) के तहत आयोजित भर्ती में नियमों को दरकिनार कर एक अभ्यर्थी को अनुचित लाभ दिया गया। उनका दावा है कि चयनित अभ्यर्थी तय आयु सीमा की पात्रता में नहीं आते थे, इसके बावजूद उन्हें नियुक्ति दी गई, जिससे आयोग की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि इस मामले को लेकर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। हाईकोर्ट के आदेश (17 फरवरी 2026) का हवाला देते हुए कहा गया है कि चयन प्रक्रिया में अनियमितता की जांच की आवश्यकता है। शिकायतकर्ता ने आयोग के कुछ सदस्यों की नियुक्ति और संभावित रिश्तेदारी के आरोपों का भी जिक्र करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

इसी बीच छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने 3 मार्च 2026 को प्रेस नोट जारी कर कहा है कि निरीक्षक (वाष्पयंत्र) परीक्षा-2024 की चयन प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के अनुसार (CGPSC Recruitment Controversy) की गई है। आयोग के अनुसार दस्तावेज सत्यापन के दौरान केवल पात्र अभ्यर्थियों को ही चयन प्रक्रिया में शामिल किया गया और किसी भी प्रकार की अनुचित नियुक्ति का आरोप निराधार है।
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि कुछ समाचार माध्यमों में आयोग के सदस्यों के साथ किसी अभ्यर्थी के रिश्तेदारी के संबंध में जो जानकारी प्रसारित की जा रही है, वह गलत है और चयन प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है। आयोग का कहना है कि पूरे मामले में हाईकोर्ट में प्रस्तुत तथ्यों और आदेशों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस घटनाक्रम के बाद भर्ती प्रक्रिया को लेकर प्रदेश में नई बहस छिड़ गई है। जहां एक ओर शिकायतकर्ता जांच और कार्रवाई की मांग (CGPSC Recruitment Controversy) कर रहे हैं, वहीं आयोग अपनी प्रक्रिया को पारदर्शी और नियमसम्मत बता रहा है। आने वाले दिनों में इस विवाद को लेकर कानूनी और राजनीतिक हलचल बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।



