हरियाली की अनोखी मुहिम: 197 में से 150 पौधे बने छायादार पेड़, जनजागरण समिति बनी मिसाल

सूनी कॉलोनियां हुईं हरी-भरी: जनजागरण सेवा समिति ने शहरी वृक्षारोपण की मिसाल पेश कर जगाई उम्मीद
राजेश रायचुरा
धमतरी/नवप्रदेश। ‘जनजागरण सेवा समिति ने अपनी और जनसहयोग से यह साबित कर दिखाया है कि अगर नीयत साफ हो, तो पौधों को पेड़ बनते देर नहीं लगती। जनजागरण सेवा समिति के माध्यम से साल 2019 में शहरी वृक्षारोपण की शुरुआत की गई थी। समिति के सदस्यों ने पहले शहर के विभिन्न वार्डों और कालोनियों का सर्वे किया और यह चिन्हांकित किया कि कहाँ-कहाँ पौधों को सुरक्षित रखकर पेड़ बनाया जा सकता है। इसके बाद वन विभाग से पौधों की मांग की गई और शहर की अन्य सामाजिक संस्थाओं को साथ जोड़कर सुबह के समय पौधारोपण का महाअभियान शुरू हुआ।
इस अभियान की शुरुआत इंद्रप्रस्थ कालोनी से की गई थी। इसके बाद कृदत्त कालोनी, आकाशगंगा, अंबेडकर वार्ड, विवेकानंद कालोनी और पंचवटी कालोनी,मैत्री विहार कॉलोनी, शांति कॉलोनी,जैसी जगहों को हरा-भरा करने का बीड़ा उठाया गया।
पूर्व कलेक्टर ने भी की थी सराहना: तत्कालीन कलेक्टर रजत बंसल ने समिति के इस प्रयास की काफी सराहना की थी। उन्होंने समिति का हौसला बढ़ाते हुए कहा था कि आमतौर पर शहरी क्षेत्रों में वृक्षारोपण सबसे कम सफल होता है क्योंकि यहाँ पौधों की सुरक्षा भगवान भरोसे रहती है। लेकिन समिति ने जिस जिम्मेदारी से काम किया, उसके लिए प्रशासन ने उन्हें पूरा सहयोग दिया।
ऐप हुआ बंद, पर समिति की मेहनत आज भी ‘जिंदा
तत्कालीन कलेक्टर के निर्देश पर पौधों की जियो-टैगिंग के लिए ‘धनहा धमतरी नाम से एक मोबाइल ऐप तैयार किया गया था, जिसके जरिए समिति ने 197 पौधों की जियो-टैगिंग की थी। हालांकि, अधिकारियों के तबादले के बाद विभाग ने इस ऐप को अपडेट नहीं किया और आज वह ऐप पूरी तरह बंद (जीरो) हो चुका है। लेकिन सरकारी ऐप बंद होने के बावजूद जमीन पर समिति की मेहनत आज भी लहलहा रही है।
आधे पैसे अपनी जेब से लगाए, ट्री-गार्ड भी लगाए
समिति के मितेश जैन ने बताया कि उनके पास कोई सरकारी फंड नहीं था। उन्होंने आधे पैसे खुद की जेब से लगाए और आधा जनसहयोग से जुटाया। साल 2019 और 2020 में लगाए गए इन पौधों को मवेशियों से बचाने के लिए ट्री-गार्ड के ऊपर 2-2 फीट की लोहे की जाली लगाई गई ताकि गाय या बकरी उन्हें नुकसान न पहुँचा सकें। इसी कड़ी मेहनत का नतीजा है कि साल 2022 तक आते-आते 197 पौधों में से लगभग 150 पौधे आज विशाल पेड़ बन चुके हैं। समिति आज भी अपने स्तर पर हर साल पौधारोपण का यह सिलसिला जारी रखे हुए है।
युथ हॉस्टल ने उठाए पर्यावरण पर सवाल
हाल ही में शहर में सड़क चौड़ीकरण या अन्य निर्माण के नाम पर काटे जा रहे पेड़ों को लेकर ‘युथ हॉस्टलÓ के सदस्यों ने भी चिंता जताई है। सड़क चौड़ीकरण के दौरान शहर में हो रही वृक्षों की कटाई को रोकने यूथ हॉस्टल ने ष्ठस्नह्र सहित कलेक्टर, महापौर को ज्ञापन दिया है। जिसमें वर्तमान में पेड़ों की कटाई को रोकने,इसका विकल्प तलाशने का अनुरोध किया गया है। वर्तमान में रत्नाबांधा रोड, सिहावा रोड, कोलियारी रोड मार्गों पर सड़क चौड़ीकरण के नाम पर हरे-भरे, दशकों पुराने वृक्षों की अंधाधुंध कटाई की जा रही है।
इस कदम से सभी पर्यावरण प्रेमी और धमतरी के नागरिक अत्यंत मर्माहत और चिंतित हैं।
सूरज का ताप बढ़ता जा रहा शीतलता की ज्यादा जरूरत
भीषण गर्मी और असंवेदनशीलता: वर्तमान में पूरा क्षेत्र भीषण गर्मी और लू की चपेट में है। ऐसे समय में जब नागरिकों को छांव और शीतलता की सबसे ज्यादा जरूरत है, ठीक विश्व पर्यावरण दिवस (5 जून) के पहले इस तरह पेड़ों को काटना उचित नही है।
ठ्ठ पर्यावरण का अपूरणीय नुकसान: काटे जा रहे वृक्ष केवल लकड़ी नहीं हैं, बल्कि वे धमतरी के पर्यावरण के फेफड़े हैं, जो तापमान को नियंत्रित रखते हैं। इनके नष्ट होने से शहर का जलस्तर और गिरेगा तथा गर्मी और भयानक रूप ले लेगी।
ठ्ठ वैकल्पिक रास्तों की अनदेखी: मानना है कि विकास और पर्यावरण में संतुलन होना अनिवार्य है। बिना किसी ठोस ‘ट्री ट्रांसप्लांटेशनÓ (वृक्षों को सुरक्षित दूसरी जगह लगाने) की योजना के, सीधे कुल्हाड़ी चला देना न्यायसंगत नहीं है।आप धमतरी जिले में वन एवं पर्यावरण के सर्वोच्च संरक्षक हैं। इसलिए धमतरी की जनता और हमारी संस्था आपसे बहुत बड़ी और स्वाभाविक आशाएं रखती है।
पेड़ों को काटने के बजाए ट्रांसप्लांट किया जाए
पेड़ बहुत अनिवार्य रूप से हटाए जाने हैं, उन्हें काटने के बजाय आधुनिक तकनीकों से लोकेट/ट्रांसप्लांट (दूसरी जगह जीवित रोपित) किया जाए। काटे गए प्रत्येक वृक्ष के बदले नियमानुसार 10 नए पौधे लगाने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की समयबद्ध योजना सार्वजनिक की जाए। यदि इस संवेदनशील विषय पर शीघ्र ही सकारात्मक कदम उठाने की जरूरत है।
वृक्षों की कटाई पर तत्काल रोक लगाई जाए
यूथ हॉस्टल के पदाधिकारी हुकुमचंद जैन, योगेश गुप्ता,मनीष चंद्राकर, सुबोध महावर ने डीएफओ सहित कलेक्टर, महापौर को आवेदन देते अपील की है कि इन सभी मार्गों पर चल रही वृक्षों की कटाई पर तत्काल रोक लगाई जाए। सड़क निर्माण एजेंसियों को पाबंद किया जाए कि वे कम से कम पेड़ों को नुकसान पहुंचाने वाला डिजाइन तैयार करें।



